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हौसले के सामने हार जाती है मुश्किल

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बागपत। अमर उजाला की अनूठी पहल अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल्स के तहत श्री यमुना इंटर कॉलेज बागपत में आत्मरक्षा कैंप का आयोजन किया। नेशनल बॉक्सर रेणु गुर्जर ने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के तरीके बताए। स्कूल आने जाने के दौरान सड़कों, सुनसान इलाकों या किसी अन्य जगह पर किसी भी स्थिति से निपटने के विषय में छात्राओं को जानकारी दी।
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मंगलवार को कैंप का शुभारंभ प्रधानाचार्य जयपाल शर्मा ने किया। नेशनल बॉक्सिंग खिलाड़ी रेणु गुर्जर, स्नेहा और काजल उपाध्याय ने छात्राओं को सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया। हमलावर से निपटने के लिए सबसे जरूर हौसला और तुरंत फैसला करना होता है। इसके अलावा छात्राओं को जागरूक रहने की आवश्यकता होती है। शहर या गांव की सुनसान गलियों, कॉलोली, मोहल्लों और सड़क पर छेड़छाड़ के मामलों में हमलावर से निपटने के तौर-तरीके बताए । मुक्केबाजों ने कहा कि तुरंत फैसला कर पलटवार करना होता है, जिससे अटेकर का दुस्साहस टूट जाता है। प्रधानाचार्य जयपाल शर्मा ने कहा कि छात्राओं को जागरूक रहना चाहिए। इसके अलावा किसी भी असहज स्थिति की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। माता-पिता, परिवार और शिक्षकों को समय पर जानकारी देनी चाहिए। इसमें शिक्षक सतीश त्यागी, आनंद शर्मा, अशोक बंधु, डॉ. राधेश्याम, सुषमा गौड़, नीलम शर्मा, मुकेश राज, राजेंद्र प्रसाद, हितैष और वासुदेव शामिल रहे।

हेल्प लाइन नंबरों का प्रयोग करें छात्राएं
बागपत। छात्राओं से आह्वान किया गया कि हेल्पलाइन नंबरों का प्रयोग कर मदद ली जा सकती है। इसमें 1090, 100 डायल त्वरित गति से मददगार साबित होता है। परिजनों के नंबर भी अपने पास रखने चाहिए।
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क्या बोली छात्राएं
छात्रा अफशां ने कहा कि सेल्फ डिफेंस के प्रशिक्षण से लाभ होगा। छात्राओं के लिए इस तरह के कैंप जरूरी हैं।

छात्रा सीती का कहना है कि हौसला नहीं हारने की सीख मिली। शिक्षा के साथ-साथ सेल्फ डिफेंस की जानकारी जरूरी है।

छात्रा शिवानी का कहना है कि हिम्मत से हर मुश्किल को हराया जा सकता है। लड़कियां किसी से भी कम नहीं है।

छात्रा अंजलि ने कहा कि सबसे जरूरी हिम्मत और जागरूकता होती है। लड़कियां वर्तमान में किसी से भी कम नहीं है।

छात्रा तान्या कश्यप ने कहा कि अगर कुछ भी असहज दिखे तो माता-पिता को बताना चाहिए, स्कूल में मदद के लिए शिक्षक होते हैं।

छात्रा सोनम कश्यप का कहना है कि छात्राओं को इस तरह के आयोजन से हिम्मत मिलती है। हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी मिली।

छात्रा तानिया पांचाल ने कहा कि हेल्पलाइन नंबर अपने पास रखने चाहिए, ताकि मुसीबत के समय में काम आ सकें।

छात्रा वंशिका का कहना है कि सबसे ज्यादा जरूरी जागरूकता है। अपने ऊपर भरोसा रखना चाहिए और मुश्किलों का हिम्मत से सामना करना चाहिए।
छात्रा आयशा का कहना है कि किसी भी असहज स्थिति में माता-पिता और शिक्षकों से बात करनी चाहिए।

छात्रा शबनम का कहना है कि हिम्मत से ही मुश्किलों को हराया जा सकता है। छात्राएं सजग रहें और एकजुट रहें।
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