जीवन में श्रेष्ठ विचारों को अपनाने का संदेश
बिनौली (बागपत)। सिद्ध गुरु पीठ नीलकंठ आश्रम, जिवाना में चल रहे यजुर्वेद पारायण महायज्ञ के तीसरे दिन सिद्ध गुरु महाराज ने श्रद्धालुओं को उपदेश देते हुए कहा कि सादगी के साथ सद्विचारों को जीवन में धारण करने वाला मनुष्य श्रेष्ठ होता है।
नीलकंठ आश्रम के पीठाधीश सिद्ध गुरु महाराज ने कहा वर्तमान समय में मनुष्य विलासिता की वस्तुओं में लिप्त है। इससे वह परमात्मा की भक्ति से भी दूर जा रहा है। उसके घर परिवार में परेशानी बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कुरीतियां बढ़ने से समाज में गिरावट आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य सद्गुरु के सानिध्य में रहकर नियमित रूप से परमात्मा की भक्ति करता है तो उसका जीवन सुखमय हो जाता है। आचार्य अमित शास्त्री ने यज्ञ की क्रियाएं कराईं। श्रद्धालुओं ने दैनिक यज्ञ करने का संकल्प कराया। आचार्य अंकुर भारद्वाज ने भजन गाए और सस्वर वेद मंत्रों का उच्चारण किया। मुंबई से आए प्रकाश धीरूभाई डोडिया और उनकी पत्नी नैना यज्ञमान रहे।