बागपत। बजट में गांवों को इंटरनेट से जोड़ने की कवायद की गई है। इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एक लाख ग्राम पंचायतें हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ी जाएंगी। इस योजना में देखने वाली बात यह होगी कि बागपत के हिस्से में क्या आता है। खेकड़ा बीडीओ कृपाल सिंह कहते हैं कि बेहतर तरीके से क्रियान्वित किए जाने पर इस योजना के अच्छे नतीजे सामने आ सकते हैं।
डिजिटल से पहले स्टाफ बढ़ाना जरूरी
बागपत। स्कूलों में ब्लैक बोर्ड के बजाए अब डिजिटल बोर्ड की व्यवस्था की बात कही गई है। इससे शिक्षा का आधुनिकीकरण होगा। भविष्य की पीढ़ी को लाभ हो सकेगा। श्री यमुना इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जयपाल शर्मा कहते हैं कि बदलाव अच्छी बात है, लेकिन स्कूलों में पहले शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों की संख्या पूरी होनी चाहिए। तभी शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौटेगी।
सरकारी कर्मचारियों में बजट से निराशा
बागपत। बजट से सरकारी कर्मचारियों में निराशा का माहौल है। टैक्स स्लैब नहीं बढ़ाए जाने से कर्मचारियों का कहना है कि इससे उन्हें सीधा नुकसान हो रहा है। शिक्षिका मंजू कहती है कि सातवें वेतनमान में सैलरी बढ़ गई, लेकिन यह इनकम अब टैक्स में जा रही है। सरकार को इसमें छूट का प्रावधान करना चाहिए था। कानूनगो रोहित तोमर कहते हैं कि इनकम टैक्स में छूट पर कर्मियों को लाभ होता, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।
न कोई ट्रेन, न रेलवे का दोहरीकरण
बागपत। रेल यात्रियों को अभी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। दिल्ली-सहारनपुर रेल लाइन के दोहरीकरण को लेकर कोई घोषणा नहीं की, इससे सबसे ज्यादा मुसीबत दैनिक यात्रियों को उठानी पड़ती है। कासिमपुर खेड़ी निवासी सतीश कुमार कहते हैं कि नई एक्सप्रेस ट्रेन इस रूट पर मिलनी चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मानव रहित फाटक जरूर खत्म करने की बात कही गई है।
हिंडन और काली नदी के दिन बदलने की उम्मीद
बागपत। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा पुनरुद्धार के लिए 187 प्रोजेक्ट को बजट में स्वीकृत किया है। योजना में गंगा के अलावा हिंडन और काली नदी भी शामिल हैं। देखने वाली बात यह होगी कि बजट में पारित किए 187 प्रोजेक्ट में से इन दोनों नदियों के हिस्से में क्या आता है। नदियों के दशा सुधरी तो सीधा आमजन को लाभ मिलेगा। उधर, दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को खत्म करने के लिए विशेष योजना लांच की जाएगी। बागपत में करीब पांच सौ ईंट भट्टे हैं। प्रदूषण की जांच के लिए यहां पर दो यंत्र लगाए जा चुके हैं। विशेष योजना में अगर जिले को भी शामिल किया गया तो लाभ मिलेगा।