मात्र 15 मिलीमीटर बारिश में डूब गए 51 लाख रुपये
बागपत/बड़ौत/खेकड़ा। जिले में बृहस्पतिवार को मात्र 15 मिलीमीटर बारिश हुई और बागपत, बड़ौत, खेकड़ा समेत अन्य स्थानीय निकायों के नालों की सफाई कराने के दावे बरसात के पानी में बह गए। बागपत और बड़ौत में 51 लाख रुपये नालों की सफाई पर खर्च किए गए, इसके बाद भी नाले बंद हो गए और जलभराव से लोग जूझते रहे।
बागपत में छह लाख रुपये खर्च करके नालों की सफाई कराने का दावा किया गया था। लेकिन कोर्ट रोड, केतीपुरा, मुगलपुरा समेत अन्य जगहों पर जलभराव हो गया। बड़ौत में बिनौली रोड, बिजरौल रोड, गांधी रोड, नेहरू रोड, कोताना रोड, बावली रोड, तहसील परिसर सहित मोहन नगर कालोनी, न्यू राम नगर कालोनी, आवास विकास, आजाद नगर कालोनी, पटेल नगर, मधुबन कालोनी आदि में जल भराव से लोग परेशान रहे। यह हालत तब हुआ, जब नगरपालिका ने 45 लाख रुपये खर्च करके नालों की सफाई कराने का दावा किया था। नालों की सफाई करके सिल्ट किनारे पर डाल दी गई जो बारिश के पानी के साथ दोबारा नालों में पहुंच गई। इस तरह से 45 लाख रुपये बर्बाद हो गए। खेकड़ा में बारिश से रेलवे रोड, पाठशाला रोड, जैन कालेज रोड आदि जगहों पर जलभराव मुसीबत बना रहा। अग्रवाल मंडी टटीरी, छपरौली, दोघट, टीकरी आदि जगहों पर भी बारिश से सड़कों व गलियों में जलभराव हो गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नालों की सफाई का नहीं कोई फायदा
बड़ौत के यशवीर तोमर का कहना है कि हर साल नगर पालिका बरसात से कुछ दिन पहले ही सफाई कार्य कराने की बात कहती है। लेकिन बारिश होने पर सड़कों से पानी की निकासी नहीं होती। ऐसी सफाई का कोई फायदा नहीं है। यहीं के सुरेश का कहना है कि नालों की सफाई में पालिका कर्मचारी मात्र खानापूर्ति करते हैं। इसी वजह से बरसात में लोगों को जल भराव की समस्या से जूझना पड़ता है।
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हमारे यहां अभी कुछ नालों की सफाई का कार्य होना बाकी है। जिन नालों की सफाई हुई है, वहां पर पारदर्शिता के साथ काम हुआ है। कई जगहों पर नाले ब्लॉक हो गए थे, जिस कारण नगर में जलभराव की स्थिति बन गई थी। ब्लॉक हुए नालों को तीन से चार घंटे में ठीक करा दिया गया। - अनुज कौशिक, ईओ नगर पालिका बड़ौत
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खेकड़ा में अभी नालों की सफाई नहीं हो सकी है। यहां जल्द ही मशीन मंगवाकर नालों की सफाई कराई जाएगी। जिससे दोबारा जलभराव की समस्या नहीं हो सके। - अनिल पंडित, ईओ नगर पालिका खेकड़ा
बारिश से खिले किसानों के चेहरे, अधिकतर फसलों को फायदा
कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि बृहस्पतिवार को 15 एमएम बारिश हुई है। अधिकतम तापमान 37 डिग्री से गिरकर 31 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इस बारिश से गन्ने, चारा व धान की फसल को फायदा होगा। गर्मी में पानी नहीं मिलने पर चारा की फसल की पत्तियां सूखने लगी थीं तो गन्ने की फसल पर भी गर्मी का काफी असर पड़ रहा था। अब बारिश से फसल अच्छी होगी। उड़द और मूंग की फसल में पानी ज्यादा जमा होने से नुकसान हो सकता है। इसलिए पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी गई हैं। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार अभी और बारिश होने की संभावना है।
छपरौली के पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में भरा बारिश का पानी- फोटो : BAGHPAT
रिमझिम बारिश के बीच मौसम सुहाना हुआ तो खिले चेहरे:बागपत में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी ?- फोटो : BAGHPAT
बागपत में दल्लि-सहारनपुर नेशनल हाईवे के सपिसाना गांव में जलभराव के बीच गुजरते वाहन- फोटो : BAGHPAT