पुष्टाहार की सप्लाई धड़ाम
दिसंबर, जनवरी, फरवरी का खाद्यान्न न होने से गहराया संकट
नवंबर माह का खाद्यान्न भी 60 फीसदी ही भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। जनपद में पुष्टाहार की सप्लाई की व्यवस्था धड़ाम हो चुकी है। हालात यह है कि अभी तक शासन से दिसंबर, जनवरी व फरवरी का पुष्टाहार नहीं भेजा गया है। नवंबर माह का जो पुष्टाहार हाल में भेजा गया है, वह भी मात्र 60 फीसदी ही सप्लाई किया गया है। ऐसे में 40 फीसदी बच्चे व महिलाएं पुष्टाहार से वंचित है। विभागीय आंकड़ों की बात करें तो जनपद में 50 हजार से ज्यादा बच्चों व महिलाओं को हर महीने खाद्यान्न ही नहीं मिल रहा है।
खाद्यान्न के लिए इस तरह किया गया निर्धारिण
सीडीपीओ सारधा देवी ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने खाद्यान्न के लिए चार वर्ग बनाए हुए है। एक वर्ग छह महीने से तीन साल वाले बच्चों के लिए होता है, जिसमें डेढ़ किलो गेहूं, एक किलो चावल, एक किलो दाल, आधा किलो तेल दिया जाता है। दूसरा वर्ग 3-6 साल के बच्चों के लिए होता है, जिनके लिए आधा किलो दाल, आधा किलो गेहूं, एक किलो चावल मिलता है। तीसरे वर्ग में गर्भवती महिलाएं व चौथे वर्ग में धात्री महिलाएं होती है, जिनको हर महीने एक किलो दाल, डेढ़ किलो गेहूं, एक किलो चावल व आधा किलो तेल देना होता है।
पंजीकृत एक लाख से अधिक, खाद्यान्न 50 प्रतिशत को मिल रहा
आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह माह से तीन साल तक के 62521 बच्चे पंजीकृत है, जबकि खाद्यान्न केवल 36239 का मिल रहा। तीन से छह साल तक के 29756 बच्चे पंजीकृत होने के बावजूद खाद्यान्न केवल 18721 को मिलता है, जबकि गर्भवती व धात्री महिलाएं 28859 पंजीकृत है और 19922 को खाद्यान्न मिल रहा है। इस तरह 50 हजार से ज्यादा बच्चों व महिलाओं को हर महीने राशन नहीं मिल रहा है।
लगातार हो रही शिकायतें
दो दिन पूर्व ग्राम प्रधान पिंकी ने इस संबंध में बीडीओ ज्योति बाला को शिकायत की। गांव की एकता स्वयं सहायता समूह पर खाद्यान्न वितरण न करने का आरोप लगाया। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सीडीपीओ सारधा देवी का कहना है कि ऊपर से खाद्यान्न की सप्लाई नहीं हो रही है।
ऊपर से खाद्यान्न की सप्लाई में दिक्कतें आ रही है। जनवरी में जो खाद्यान्न शासन द्वारा भेजा गया है, वह नवंबर माह का है। अभी तक दिसंबर, जनवरी व फरवरी माह खाद्यान्न पूरा नहीं आ रहा है। जितना खाद्यान्न आता है, उसे व्यवस्था बनाकर बांटा जा रहा है। खाद्यान्न पूरा भेजने के लिए शासन को पत्र लिखकर अवगत करा दिया गया है। - विपिन मैत्रेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी