बड़ौत (बागपत)।
भगवान महावीर मार्ग बड़ौत निवासी कविता जैन पत्नी प्रदीप जैन ने मरणोपरांत अपनी दोनों आंखें दान कर दी। कविता की आंखों से दो लोगों की जिदंगी में उजाला होेगा।
कविता जैन ने भारत विकास परिषद बड़ौत द्वारा चलाए जा रहे नेत्रदान जागरूकता अभियान से प्रेरणा लेकर नेत्रदान करने का संकल्प पत्र भरा । 45 वर्ष की अल्प आयु में उनके निधन के पश्चात उनके पति प्रदीप जैन, पुत्र विनम्र जैन, पुत्री अर्जिता जैन ने उनके नेत्रदान करने के संकल्प को भारत विकास परिषद बड़ौत के सहयोग से पूरा कराया। उन्होंने सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ के डॉक्टरों की टीम ने कविता जैन की दोनों आंखों से कोर्निया सुरक्षित निकाल कर दो नेत्रहीन व्यक्तियों की आंखों के लिए रखा। दोनों कोर्निया दो नेत्रहीन व्यक्तियों की आंखों में लगाए जाएंगे। इस अवसर पर सुरभारती मेडिकल कालेज मेरठ के चिकित्सक विकास ने बताया कि समस्त भारत वर्ष में नेत्रहीन व्यक्तियों की संख्या काफी ज्यादा है। यदि देश का हर व्यक्ति नेत्रदान करने का संकल्प ले तो नेत्रहीनता को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर आलोक जैन, अनुराग जैन, विवेक जैन, संजय जैन, विशाल वर्मा, अतुल जैन, प्रदीप जैन, मुकेश जैन आदि का सहयोग रहा।