बागपत। जीएसटी परिषद की बैठक में छोटे कारोबारियों के लिए राहत की बौछारें पड़ी हैं। व्यापारियों का कहना है कि उन्हेें टैक्स की सीमा 50 फीसदी तक बढ़ाए जाने की उम्मीद थी, लेकिन फिर भी कुछ न कुछ राहत तो मिलेगी ही। छोटे व्यापारी को टैक्स भरने में छूट का प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने छोटे कारोबारियों के जीएसटी के अंदर दायरे को बढ़ाया दिया है। इसके अलावा सेवा देने वाले कारोबारियों को साल में केवल एक बार ही रिटर्न दाखिल करना होगा। छोटे कारोबारियों की सीमा को बीस लाख रुपये से बढ़ाकर के चालीस लाख रुपये कर दिया गया है। इन कारोबारियों को हर तीन महीने पर टैक्स जमा करना होगा।
व्यापारी जगदीश अरोरा कहते हैं कि छोटे कारोबारी के लिए यह आंशिक राहत जैसा है। दायरा बढ़ाने के लिए छोटे कारोबारियों को टैक्स भरने के दायरे से बाहर कर दिया जाना चाहिए। उसे ही राहत माना जाएगा।
व्यापारी नेता नंदलाल डोगरा का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि दायरा 50 फीसदी तक बढ़ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुछ राहत मिलेगी। टैक्स को लेकर अभी भी व्यापारी पशोपेश में है, प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाना चाहिए।
दुकानदार उदय चौहान का कहना है कि राहत मिलना लाजिमी है। सरकार ने दोगुनी छूट दी है। टैक्स का दायरा भी 20 से बढ़ाकर चालीस कर दिया है, यह अच्छा कदम है।
व्यापारी अरविंद कहते हैं कि सरकार का कदम सही दिशा में है। दायरे को और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए। दुकानदार और छोटे कारोबारियों को अधिक छूट की जरूरत है।