बागपत। जिले के पांच गांव को आदर्श बनाकर कचरा मुक्त कराया जाएगा। शासन से इनका चयन होगा। ग्राम समाज की भूमि पर कचरा डालकर खाद बनाई जाएगी। इसका किसानों को लाभ मिलेगा। डीपीआरओ ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी है। गांवों का चयन होने पर कार्य शुरू होगा।
प्रशासन ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के सभी गांवों को ओडीएफ घोषित करने का दावा किया है। ग्रामीणों को शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए प्रशासन के अफसर प्रेरित कर रहे हैं। अब स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण के तहत पांच गांवों को चिन्हित कर उसे गांव को मॉडल बनाकर कचरा मुक्त कराया जाएगा। इस संबंध में जिला पंचायती राज विभाग ने फाइल तैयार करनी शुरू कर दी है। गांव को समृद्ध और आदर्श बनाया जाएगा। इसमें सबसे पहले कूड़ा-कचरा मुक्त करेंगे। गांव के लोगों को घर से बाहर गंदगी को डालने जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ग्रामीणों के मकानों के सामने की व्यवस्था होगी। गंदगी के ढेरों को हटवाया जाएगा। ग्राम समाज की भूमि की चारदीवारी में कूड़े को एकत्र कराया जाएगा। तालाब, नालियां, नाले की सफाई हुआ करेगी। मिलने वाले मल को चयनित स्थान पर फेंका जाएगा। गांव में कूड़े को डिस्पोजल करने की व्यवस्था की जाएगी, इससे खाद बनाकर किसानों को दिया जाएगा। इसका फायदा लोगों के साथ-साथ कृषकों को भी पहुंचेगा। योजना संचालित होने पर गांव से गंदगी दूर होगी और जमीन उपजाऊ बनेगी। जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार यादव ने बताया कि जिले के पांच गांवों को माडर्न बनाकर कचरा मुक्त कराया जाएगा। इस पर कार्य चल रहा है। शासन स्तर से जिले में अधिकारी जाएंगे, इसके बाद गांवों का चयन होगा।