बागपत। फसलों पर जलवायु परिवर्तन के साथ ही निराश्रित पशु व जंगली जानवरों की मार झेल रहे हजारों किसानों के लिए राहत की बात है। बागपत में पहली बार एकीकृत बागवानी योजना लागू हुई है। अब खेतों की तारबंदी कराने की तैयारी है और इसका आधा खर्च सरकार देगी। खेतों की तारबंदी होने पर किसानों को रात में फसलों की पहरेदारी नहीं करनी पड़ेगी।
कृषि प्रधान बागपत में किसानों के लिए निराश्रित पशु व जंगली जानवर बड़ी समस्या हैं। गन्ने की फसल में फिर भी इतना ज्यादा नुकसान नहीं होता, लेकिन गेहूं, सरसों, धान, दलहन, सब्जियों और हरा चारे की फसलों में यह ज्यादा नुकसान करते हैं।
पशुओं का झुंड जिस खेत में घुस जाता है, उस फसल को बर्बाद कर देता है। दिनभर हाड़ तोड़ मेहनत करने के साथ फसल बचाने के लिए किसान रातभर खेतों में पहरा देने को विवश हैं। अब किसानों के लिए राहत की बात यह है कि शासन ने पहली बार बागपत में भारत सरकार एकीकृत बागवानी योजना लागू की है, जिसमें फसलों को बचाने के लिए खेतों की तारबंदी को किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।
उद्यान विभाग ने बागपत में 25 हजार हेक्टेयर जमीन की तारबंदी कराने को 300 करोड़ रुपये का प्लान शासन को भेजा है। इसमें 150 करोड़ रुपये सरकार देगी और 150 करोड़ रुपये किसानों को खर्च करने होंगे। शासन से प्रस्ताव मंजूर होने पर एक माह बाद अप्रैल 2025 से योजना का लाभ किसानों को मिलना शुरू होगा।
चार लेयर में होगी तारबंदी
एक हेक्टेयर जमीन के चारों तरफ कुल 400 मीटर कांटेदार तारबंदी होगी। एक मीटर पर 300 रुपये का खर्चा आएगा, जिसमें 150 रुपये सरकार वहन करेगी। ब्लेड लगे तारों की तारबंदी कराने पर रोक है।
इन किसानों को मिलेगा पहले लाभ
एकीकृत बागवानी योजना में खेतों की तारबंदी कराने के सबसे पहले सब्जियों, बागवानी व दलहन खेती करने वाले किसानों को लाभ मिलेगा। एकीकृत बागवानी का उद्देश्य सब्जियों एवं बागवनी को बढ़ावा देना है। इसलिए गन्ना की खेती करने वाले किसानों को लाभ मिलना मुश्किल है।
खेतों में घूमते रहते हैं गोवंश
बागपत में 30 गो आश्रम स्थलों में 6550 गोवंश संरक्षित हैं। वहीं करीब एक हजार से ज्यादा निराश्रित गाेवंश सड़कों व जंगलों में छुट्टा घूम रहे हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि इस तरह के गोवंश सौ से ज्यादा नहीं है।
करोड़ों की फसल बचेगी
खेतों की तारबंदी होने से निराश्रित गोवंश और जंगली जानवर जैसे नील गाय, गीदड़ आदि से फसलों को बचाया जा सकेगा। फसल उत्पादन भी बढ़ेगा, जिससे किसानों को करोड़ों रुपये का फायदा होगा। किसान रात में फसलों को बचाने के लिए खेतों का पहरा देने को मजबूर नहीं होंगे।
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-फसलों को बचाने के लिए खेतों की तारबंदी कराना बेहद जरूरी हो गया। यह अच्छी बात है कि उद्यान विभाग ने तारबंदी के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा है। - शिवदत्त शर्मा, किसान लहचौड़ा
निराश्रित गोवंश व जंगली जानवरों ने खेतों को तबाह कर दिया और इससे किसान बर्बाद हो रहा है। तारबंदी कराने को मदद मिलने से किसानों की राह आसान होगी। - मोहित खटाना, किसान शरफाबाद
-किसानों की फसलों को बचाने के लिए खेतों की तारबंदी कराने को 300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन में भेजा है। यह मंजूर होने के बाद किसानों को अप्रैल से योजना का लाभ मिलने लगेगा। बागपत में पहली बार तारबंदी के लिए किसानों को अनुदान मिलेगा। - दिनेश कुमार अरुण, जिला उद्यान अधिकारी