दोघट (बागपत)। भड़ल गांव में संचालित चर्म शोधन इकाइयों को बंद करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मेरठ के एसडीओ ने 87 इकाई संचालकों को नोटिस जारी किया। उन्होंने प्रदूषण बोर्ड लखनऊ को जल प्रदूषण एक्ट के तहत 33ए की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी है। वहीं गांव में चर्म शोधन इकाइयों को लेकर दोनों पक्षों का बुधवार को भी धरना जारी रहा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मेरठ के एसडीओ मुकेश त्यागी टीम के साथ भड़ल गांव पहुंचे और चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि गांव में संचालित चर्म शोधन इकाइयों को बंद कराने के लिए 87 संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। यदि वे 15 दिनों के अंदर इकाइयां बंद नहीं करते तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण बोर्ड लखनऊ को जल प्रदूषण एक्ट के तहत 33ए की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी। इस मौके पर उनके साथ नायब तहसीलदार नसीम अहमद, एसआई भगवत सिंह, सोमपाल सिंह, दीपक कुमार, कृष्णपाल शर्मा आदि रहे।
वहीं चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में ग्रामीणों के धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 36 दिनों से ग्रामीण धरने पर बैठे हैं, लेकिन डीएम ने आज तक गांव पहुंचकर उनकी सुध नहीं ली। एसडीएम बड़ौत एक रात गांव में सो कर देखे कि ग्रामीण किस तरह अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इकाइयों को जल्द से जल्द गांव से बाहर कराया जाए। इस मौके पर ब्रह्म सिंह, जितेंद्र, प्रवेंद्र, महिपाल, रामपाल, विक्रम, ब्रहम सिंह, भोपाल, नरेश आदि रहे। वहीं इकाई संचालकों का भी धरना जारी रहा। इस मौके पर बाबूराम, ऋषिपाल, रविंद्र, तेजपाल, रामकुमार, चरण सिंह, जगपाल, सोना, संतोष, श्यामो, शीला आदि मौजूद रहे।