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हाइवे पर मच गई चीख-पुकार, घरों में नहीं जले चूल्हे

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बागपत। बच्चे स्कूल जाने के लिए खुशी-खुशी स्कूल बस में सवार हुए थे। बस चलने के लिए घूम ही रही थी कि मौत ने झपट्टा मारा। अभिषेक की मौत हो गई, जबकि अन्य बच्चे घायल हैं। हाइवे पर हादसे से चीख पुकार मच गई। गांव में चूल्हे तक नहीं जले। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया।
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शनिवार सुबह बच्चे स्कूल में सवार हुए ही थी कि अचानक हादसा हो गया। खुशी-खुशी घर से स्कूल जाने के लिए निकले बच्चों का मौत से सामना हुआ। जिस समय हादसा हुआ कुछ अभिभावक भी हाइवे पर ही खड़े थे। इसके अलावा ग्रामीणों की आवाजाही भी लगी थी। जैसे ही डंपर ने टक्कर मारी, स्कूल बस में चीख पुकार मच गई। बच्चों की चीखें सुनकर ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। पोस्टमार्टम के बाद बच्चे का शव गांव पहुंचा तो गम का माहौल बन गया। अधिकतर घरों में चूल्हे नहीं जले। ग्रामीणों ने कहा हाइवे पर ईंट से लदे ट्रक तेज गति से चलते हैं। इस कारण आए दिन हादसों में मौत हो रही है। पुलिस प्रशासन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता। बस चालक पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। छात्र की मौत के बाद गांव में भी मातम पसर गया।

अभिषेक पर इस तरह टूटी मौत
बागपत। मृतक छात्र अभिषेक चालक से तीन सीट पीछे शीशे की तरफ बैठा था। ट्रक ने बस में चालक की साइड की तरफ बीचों बीच टक्कर मारी। वह सीट पर अकेला ही बैठा था। हादसे में वह गंभीर घायल हो गया।
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एक ही स्कूल में पढ़ते थे तीनों भाई
बागपत। मृतक छात्र अभिषेक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उससे छोटा भाई अभिनव कक्षा चार और सबसे छोटा देव कक्षा एलकेजी के छात्र है। पिता दीपक शर्मा ने बताया कि तीनों भाई एक ही स्कूल में पढ़ते थे और एक ही साथ बस में बैठकर स्कूल जाते थे, लेकिन शनिवार को अभिनव और देव पहले चक्कर में स्कूल चले गए थे। दूसरे चक्कर में अभिषेक जाना था, लेकिन स्कूल जान से पहले ही उसे मौत ने अपने आगोश में ले लिया।

स्कूल प्रबंधक और शिक्षक के बेटे भी घायल
बागपत। बस में स्कूल प्रबंधक साहब सिंह के बेटा शिवम और शिक्षक अनुग्रह पाठक का बेटा सूर्या भी सवार थे। हादसे में दोनों छात्र घायल हो गए। शिक्षक अनुग्रह पाठक भी मामूली रूप से चोटिल हुए हैं।

बहुत होनहार था अभिषेक
बागपत। मृतक छात्र अभिषेक के पिता दीपक शर्मा खेती बाड़ी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। बेटे की मौत से मां का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने बताया कि अभिषेक बहुत ही होनहार था।

पहले भी हादसे का शिकार हुई हैं स्कूल बसें
बागपत। स्कूल बस के साथ यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी कई बार बड़े हादसे हो चुके है। सुबह के समय सडक़ों पर स्कूल बसों की लाइन लगी रहती है। बसों में बच्चों को स्कूल तक ले जाने में भी नियमों का पालन नहीं किया जाता। अभिभावकों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस-प्रशासन मूक दर्शक बना रहता है।

कांप उठे अभिभावक, स्कूल बस की और दौड़े
बागपत। हादसे की जैसे ही जानकारी मिली को अभिभावक स्कूल बस की तरफ दौड़ पड़े। अपने-अपने बच्चों की कुशलक्षेम जानने के लिए बेचैनी दिखी। मरहम पट्टी के बाद अभिभावक बच्चों को घर पर लेकर चले गए।
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