बड़ौत(बागपत)। शहादत दिवस के अवसर पर बिजरौल गांव में उस बरगद के पेड़ के नीचे यज्ञ का आयोजन किया गया, जिस पर 32 क्रांतिकारियों को फांसी दी गई थी। इस दौरान क्रांतिकारियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
शहीद बाबा शाहमल के पैतृक गांव बिजरौल में मंगलवार को क्रांतिकारियों की शहादत पर उन्हें नमन किया गया। इस मौके पर जिस बरगद के पेड़ पर अंग्रेजों ने 32 क्रांतिकारियों को फांसी पर लटकाया था, वहां यज्ञ का आयोजन हुआ। यज्ञ के यज्ञमान देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह, हिलवाड़ी चौधरी ओमबीर सिंह, बड़ौत चौधरी अलबेल सिंह, बिजरौल थांबा चौधरी यशपाल व अर्जुन अवार्डी शौकेंद्र पहलवान रहे। इसके बाद वहां कार्यक्रम में सन 1857 के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई और क्रांतिकारियों के बलिदान पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने क्रांतिकारियों के गांवों को शहीदों के गांव घोषित किए जाने और उनके विकास की मांग शासन से उठाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने संचालन मास्टर हरपाल सिंह ने किया। इस अवसर पर धर्मेंद्र चेयरमैन, बासौद के सत्तार, बिजेंद्र, महक सिंह, उपेंद्र तोमर, अशोक भूत, शौकेंद्र तोमर, रामछैल, सतबीर, उमंग तोमर, राजेंद्र, अंकित, भंवर सिंह, प्रमोद, अंकित आदि मौजूद रहें।