बागपत। नैथला मार्ग पर ढाई साल पहले पुलिस ने मुठभेड़ के बाद 50-50 हजार के ईनामी रहे दो बदमाशों को पकड़ा। मुठभेड़ में तत्कालीन एसपी और सीओ की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी । इस मामले में दोनों आरोपियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई। एडीजे द्वितीय फास्ट ट्रैक आबिद समीम की कोर्ट में फैसला सुनाया।
अपर शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अनुज ढाका ने बताया कि 24 सितंबर 2016 को नैथला मार्ग पर पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ हुई । पुलिस ने 50-50 हजार के ईनामी रहे हरिदत्त और ओम दत्त पुत्र बाबूराम निवासी पिलाना को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ के समय तत्कालीन एसपी पूनम और सीओ श्वेताभ पांडेय की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी। पुलिस को दोनों बदमाशों के पास से दो पिस्टल बरामद हुई। एसपी पूनम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। दोनों आरोपी उच्चतम न्यायालय से सजायाफ्ता थे और जमानत पर बाहर आए हुए थे।
कोर्ट ने उनके वारंट जारी कर दिए लेकिन वे पेश नहीं हो रहे थे। पुलिस ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से एपी सहित साल गवाह पेश किए । यह मामला एडीजे द्वितीय फास्ट ट्रैक आबिद समीम की कोर्ट में चला। सोमवार को मुकदमे में सुनवाई हुई। दोनों पर दोष सिद्ध हो गया। दोनों अभियुक्तों को धारा 307 में पांच-पांच साज की सश्रम कारावास एवं दस-दस हजार रुपये का जुर्माना व 25 आर्म एक्ट में एक-एक साल की सजा व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।