बड़ौत (बागपत)।
डिवाइन ग्लोबल एकेडमी के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रीय साहित्य चेतना मंच द्वारा एक अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया । इसमें उत्तर प्रदेश के अलग अलग स्थानों से आए कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का प्रारंभ मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह और प्रधानाचार्या के के त्यागी ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए कवि डॉ, निखिल चौहान मन ने कहा, हमारी साफ गोईका फकत इतना सा हासिल है, जबां अगर खोल देते है तो रिश्ते टूट जाते है । दिल्ली के विख्यात कवि अतुल यादव नवाब देहलवी ने कहा, सुना था कल जमाने से, जमाने को चलाती है , जुबां खामोश है मेरी मेरे कंधों पर है रोटी। मेरठ के कवि समर्पित सिंह राठौर सुकेतु ने कहा, कही तक भी वतन जिनकी इबादत में नहीं शामिल, वतन पर जान देना जिसकी मोहब्बत में नहीं शामिल। कवि मनु तिवारी ने कहा, दर्द को अब ऐसे कोई छिपाने लगता है, भीड़ में जब भी कुछ गुनगुनाने लगता है । कवि सुनील सबरंग ने कहा, रात से लड़ता हुआ जुगनू दिखाई देगा, मेरा लिखना मेरे होने की गवाही देगा। कवि अनन्या देवरिया ने कहा, मर गया पौरुष कब वीरता मर्दन हुई, कब मरे एहसास कब तलवार पे गर्दन रही। कवि और स्कूल प्रबंध समिति के प्रबंधक दिनेश शर्मा ने कहा, बिगड़े हुए हालात को तकदीर बना दो, आएंगे अच्छे दिन यकीन है हमें नफरत की दीवार गिरा दो । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कवि भूपेंद्र सिंह ने कहा, हर घड़ी दिल में रहा डर उसके , नोच डाले न हवा पर उसके। इस मौके पर पर घनश्याम शर्मा, इकबाल सिंह, सोहनवीर सिंह, डीके जैन, अरुण मलिक, जेपी शर्मा , रामनरेश त्यागी, रामफल सिंह आदि मौजूद रहे।