बिनौली (बागपत)। धनौरा सिल्वर नगर गांव के झुलसे संविदा कर्मी की ऊर्जा निगम के अधिकारियों द्वारा सुध नहीं लिए जाने से क्षुब्ध महिलाओं ने मंगलवार को बिजलीघर पर तालाबंदी कर दी। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने घंटों धरना दिया।
धनौरा सिल्वर नगर गांव निवासी भीमसेन उर्फ काला पुत्र धूम सिंह शर्मा सोमवार को हाईटेंशन लाइन पर कार्य करते समय आपूर्ति चालू करने से झुलस गया था। परिजनों ने उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत चिंताजनक है। हादसे के दो दिन बाद भी ऊर्जा निगम का कोई बड़ा अधिकारी पीड़ित और उसके परिजनों की सुध लेने नहीं पहुंचा, इससे क्षुब्ध होकर महिलाओं ने धनौरा विद्युत उपकेंद्र पर तालाबंदी कर दी। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने बिजलीघर पर धरना शुरू कर दिया। करीब छह घंटे बाद ऊर्जा निगम के एसडीओ चैन सिंह, जेई अश्वनी कुमार, ठेकेदार पवन ग्रामीणों के बीच पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर वार्ता हुई। अधिकारियों ने ठेकेदार पवन के हवाले से बताया कि झुलसे लाइनमैन के इलाज का सारा खर्च वहन किया जाएगा और उसकी संविदा चलती रहेगी, जिसका मानदेय परिजनों को मिलता रहेगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।
इस दौरान ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों के अलावा जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी फोन घुमाए, तब कहीं जाकर ऊर्जा निगम के अधिकारी धरनारत ग्रामीणों के बीच पहुंचे। इस दौरान ग्वालीखेड़ा ग्राम प्रधान दीपक शर्मा, वीर सिंह प्रधान, उमेश, सतबीर, सतेंद्र, अनिरुद्ध राणा, सतेंद्र, रमेश, सुरेंद्र, शिक्षा, राजबाला, दुलारी, उषा, शशि, रामो, बबली, अफसाना, बबली, धूम सिंह, रणबीर आदि मौजूद रहे।