बागपत/बड़ौत/खेकड़ा/अमीनगर सराय/अग्रवाल मंडी टटीरी। जिले में रविवार को 17 केंद्रों पर प्राथमिक स्तर और 12 केंद्रों पर उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई। पहली पाली में 1049 और दूसरी पाली में 840 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा में सभी केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक और सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे। परीक्षार्थियों को परीक्षा से आधा घंटे पहले केंद्रों पर प्रवेश दिया गया। परीक्षा में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड गाइडलाइन का पालन कराया गया। सचल दलों ने केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था देखी। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम से भी परीक्षा की निगरानी की गई।
सुबह की पाली में 17 केंद्रों पर प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 8 हजार 112 परीक्षार्थी व शाम की पाली में 12 केंद्रों पर 5 हजार 787 परीक्षार्थी उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। इनमें से पहली पाली में 7 हजार 063 ने और शाम की पाली में 4 हजार 945 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक और पुलिसकर्मी तैनात रहे। सचल दस्तों ने केंद्रों का निरीक्षण किया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम से केंद्रों की निगरानी की गई।
बड़ौत में खुली रही फोटो स्टेट की दुकानें
बड़ौत नगर के दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज, जनता वैदिक कॉलेज, दिगंबर जैन इंटर कॉलेज व वीर स्मारक इंटर कॉलेज को परीक्षा केन्द्र बनाया गया। परीक्षा के बावजूद गांधी रोड पर फोटो स्टेट और साइबर कैफे खुले रहे। एसडीएम सुभाष सिंह व सीओ हरीश भदौरिया ने पुलिस टीम के साथ कई बार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
पहली पाली में आसान तो दूसरी में कठिन आया पेपर
बागपत/बड़ौत। शिक्षक पात्रता परीक्षा की पहली पाली में प्रश्न पत्र आसान तथा दूसरी पाली में कठिन आया। पहली पाली में पेपर देकर निकले परीक्षार्थियों के चेहरे खिल गए। पहली पाली में परीक्षा देकर निकली काजल ने बताया कि प्रश्न पत्र में सवाल बहुत आसान पूछे गए। उन्हें हल करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। परीक्षार्थी नेहा ने बताया कि परीक्षा को लेकर कई महीने से तैयारी कर रही थी। पेपर उसकी तैयारी के अनुरूप आया। दूसरी पाली में पेपर देकर लौटी बदरखा निवासी दीपांशी ने बताया कि पेपर कठिन आया। पेपर हल करने में काफी दिक्कत हुई। ढिकौली की प्रियंका का कहना है कि प्रश्न पत्र कठिन आने के कारण हल करने में काफी परेशानी हुई।