बागपत। मौसम का बदला मिजाज किसानों के लिए मुसीबत बन गया। जिले में कई स्थानों पर करीब आधे घंटे तक बारिश हुई। अमीनगर सराय और छपरौली क्षेत्र में ओले भी पड़े। किशनपुर बराल में बिजली गिरने से गेहूं की कटाई करने गए परिवार के चार सदस्य झुलस गए। बड़ौत अस्पताल में इलाज के दौरान किशोरी ने दम तोड़ दिया। मौसम का बदला मिजाज देकर किसान चिंता में पड़ गए। गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का कार्य रोक देना पड़ा।
बृहस्पतिवार को मौसम का मिजाज गरम रहा। सुबह से ही गर्मी ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया। पारा 40 डिग्री पर पहुंच गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब ढाई बजे एकाएक मौसम का मिजाज बदला। आसमान में बादल छा गए। बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक जिले के कई हिस्सों में बूंदाबांदी हुई। किशनपुर बराल में पूर्व प्रधान सहेंद्र सिंह के खेत में गफूर के परिवार के चार सदस्य गेहूं की कटाई कर रहे थे। बिजली गिरने से मोमिन, कुरैशा, रुखसाना, शाहिना (17) पुत्री गफूर झुलस गए। बड़ौत अस्पताल में इलाज के दौरान शाहीना की मौत हो गई। अमीनगर सराय क्षेत्र में खूब ओले पड़े, इससे किसानों की चिंता बढ़ गई। बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को गेहूं कटाई का कार्य रोक देना पड़ा। जिन खेतों में थ्रेसिंग चल रही थी, वहां भी कार्य रुक गया। करीब आधे घंटे बाद फिर से धूप खिल गई। मौसम के बदले मिजाज से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
छपरौली और अमीनगर सराय क्षेत्र में पड़े ओले
अमीनगर सराय/छपरौली (बागपत)। जिले में बारिश के साथ ओले भी पड़े। जिले में सबसे अधिक ओलावृष्टि अमीनगर सराय, सिंघावली अहीर और छपरौली क्षेत्र में हुई। यहां लोगों से ओलों को इकट्ठा भी किया। गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है।
बृहस्पतिवार को दोपहर के समय एकाएक बारिश शुरू हो गई। इससे किसानों को गेहूं की कटाई का कार्य रोक देना पड़ा। अमीनगर सराय और सिंघावली अहीर क्षेत्र के दर्जनभर से अधिक गांव में बूंदाबांदी के साथ ओले पड़े। किसानों का कहना है कि कई जगह सूखे ओले ही पड़े। ओलों का साइज भी बड़ा था। कुछ देर बाद ओले थम गए। खेत में पकी खड़ी सरसों के अलावा गेहूं की फसल को ओलों से नुकसान होगा। छपरौली और बड़ौत क्षेत्र में भी अधिक ओले पड़े हैं। बागपत शहर और आसपास के गांव में ओले कम पड़े। किसानों का कहना है कि अगर मौसम का मिजाज यही रहा तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा। बारिश से क्रय केंद्रों पर भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्रय केंद्र पर बारिश में रखे रहे गेहूं से भरे बौरे
बागपत। सिसाना रोड स्थित विपणन विभाग के क्रय केंद्र अनाज को बारिश से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। बृहस्पतिवार की दोपहर हुई बारिश के समय गेहूं बाहर ही रखा था। कर्मचारियों द्वारा कोई भी सुविधा नहीं की गई थी। जिस कारण बारिश में गेहूं गीला हो गया। थोड़े बहुत बोरे के ऊपर पॉलीथिन डाली गई, लेकिन काफी मात्रा में गेहूं गीला हो गया।
शव को भिजवाया पोस्टमार्टम के लिए
रमाला। किशनपुर बराल में बिजली गिरने से गेहूं की कटाई करने गए परिवार के चार सदस्य झुलस गए। बड़ौत अस्पताल में इलाज के दौरान शाहीना की मौत हो गई। घर शव रखा हुआ था। शाम के समय एसडीएम बड़ौत गुलशन कुमार, सीओ अनुज चौधरी, नायब तहसीलदार देवेंद्र मिश्रा और इंस्पेक्टर दिनेश कुमार मृतका के घर पहुंचे। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
आंधी ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
बड़ौत (बागपत)। बृहस्पतिवार दोपहर अचानक मौसम परिवर्तन होने के साथ आंधी और तूफान के साथ आई बूंदाबांदी से किसानों की चिंता बढ़ गई क्योंकि इस समय क्षेत्र मेें गेहूं की कटाई का सीजन चल रहा है।
बता दें कि पिछले एक सप्ताह से तापमान काफी बढ़ा है। सुबह होते ही गर्मी अपना तेवर दिखाने लगी है। जिस कारण अधिकांश समय लोग घरों में ही दुबके रहते है, लेकिन बृहस्पतिवार को अचानक मौसम बदला और आसमान मेें बादल छा गए। बाद में आंधी और बूंदाबांदी से लोगों को गर्मी से तो कुछ राहत दी। लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई। किसान खेतों में गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग को लेकर चिंता में हैं। इस समय ज्यादातर किसान यही दुआ कर रहे हैं कि कुछ हफ्ते तूफान और बारिश न आए।