बिनौली (बागपत)। श्री जैन स्थानक मंदिर बिनौली में बुधवार को हुई धर्मसभा में श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए जैनाचार्य सुभद्र मुनि महाराज ने कहा कि परस्पर प्रेम सौहार्द का मार्ग ही मानवता है। सत्संग से ही मानव जीवन श्रेष्ठ बनता है।
जैनाचार्य सुभद्र मुनि ने कहा कि आज क्षेत्र की श्रद्धा, रौनक देखकर धर्म भावना का परिचय मिलता है। संगठन में मानवता की शक्ति निहित है। पारिवारिकता, समाज, संघ का संगठन में ही राष्ट्रभक्ति, समर्पण और राष्ट्र की शक्ति है। उन्होंने कहा कि जो परस्पर मिलकर बैठते हैं। उनके सुख में वृद्धि होती है, दुख कम हो जाता है। धर्म का विकास, प्रभावना में जोड़ने का सूत्र परस्पर प्रेम है। परस्पर प्रेम है तो प्रत्येक कार्य में आनंद आता है। प्रेम और सौहार्द से ही समाज का उत्थान होता है। समाज का उत्थान मानवता विकास का मार्ग है। सत्संग से ही जीवन श्रेष्ठ बनता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से दिल्ली पीतमपुरा में होने वाले सामूहिक भगवती दीक्षा समारोह में भाग लेने का आह्वान किया। आनंद मुनि, द्विपेश मुनि, अमित मुनि ने भी संघ संगठन की प्रेरणा दी। सत्यप्रकाश गोयल, योगेश जैन, बबली जैन, अविनाश जैन, राकेश जैन, मनोज जैन, ममता जैन, लोकेश जैन, विशाल जैन, जगदीश जैन आदि मौजूद रहे।