दोघट (बागपत)। भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में 17 दिन से चल रहे धरने पर पंचायत का आयोजन किया। निर्णय लिया कि यदि चार अक्तूबर तक प्रशासन ने चर्म शोधन इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित नहीं किया तो पांच अक्तूबर को बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर पशुओं को बांधकर जाम लगा देंगे। समस्या का समाधान होने तक धरना जारी रहेगा।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि चर्म शोधन इकाइयों के कारण गांव में नर्क जैसे हालात हो गए हैं। इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी के कारण ग्रामीणों के पैर खराब हो रहे हैं। ग्रामीण पिछले 17 दिन से धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुध तक नहीं ले रहे, जिसे लेकर क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि दो साल पूर्व तत्कालीन डीएम ने चर्म शोधन इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित करने के आदेश दिए । ग्राम समाज ने इनके लिए भूमि भी आवंटित की। 12 लाख रुपये खर्च कर चारदीवारी, तालाब व सबमर्सिबल पंपसेट लगाया, लेकिन फिर भी इकाइयों को स्थानांतरित नहीं किया। निर्णय लिया यदि चार अक्तूबर तक चर्म शोधन इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित नहीं किया तो पांच अक्तूबर को बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर पशुओं को बांधकर जाम लगा देंगे। इसकी अध्यक्षता चौगामा खाप के चौधरी कृषिपाल राणा ने की। संचालन मास्टर सुखबीर ने किया। इसमें बाबा भोल्लर, मास्टर सुरेश राणा, आनंद छिल्लर, तेजपाल सिंह, राजपाल सिंह शास्त्री, मनोज प्रधान, पूर्व प्रधान देवेंद्र, पूर्व प्रधान विक्रम सिंह, संजीव राठी, भूरा, विनोद कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य तेजपाल सिंह, रामछैल, कृषिपाल, सुधीर मुखिया, प्रताप सिंह, मांगेराम, पूर्व प्रधान बिजेंद्र, विपिन राणा, नरेंद्र राणा, गौरव राठी, प्रधान देवेंद्र राणा, जितेंद्र राणा, राजकुमार, यशपाल, जसबीर, रमेश राणा, विकास प्रधान, मास्टर सत्यवीर, विक्रम राणा, सोमपाल, प्रमोद, गुलशन आदि रहे।