बड़ौत (बागपत)।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित विद्युत निगम की सीटीआर वर्कशाप दलालों का अड्डा बन गई है। किसानों का आरोप है कि उन्हें समय पर विद्युत ट्रांसफार्मर नहीं दिए जा रहे हैं, जबकि दलालों को तुरंत उपलब्ध करा दिए जाते हैं। मंगलवार को क्षेत्र के किसानों ने वर्कशाप पहुंचकर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया।
हंगामा कर रहे लुहारी, किरठल, ढ़िकाना, मलकपुर आदि गांव के दर्जनों किसान ने बताया कि उनके नलकूपों पर रखे 63, 25 व 100 केवीए के फुंके हुए विद्युत ट्रांसफार्मर कई दिनों से सीटीआर वर्कशाप पर जमा है, लेकिन उन्हेें इसके बदले नए विद्युत ट्रांसफार्मर नहीं दिए जा रहे हैं। इस कारण उनकी फसलें सूखकर बर्बाद हो रही है। आरोप लगाया कि ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद विद्युत निगम के जेई व ठेकेदारों की ट्रांसफार्मर बदलने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन न तो जेई इस ओर ध्यान दे रहे हैं और न ही ठेकेदार। आरोप लगाया कि किसानों को खुद अपने फुंके ट्रांसफार्मर सीटीआर वर्कशाप पर लाने पड़ रहे हैं। आरोप है कि नए ट्रांसफार्मर के बदले सीटीआर वर्कशाप पर सक्रिय दलाल व कर्मचारी उनसे सुविधा शुल्क लेते हैं। विरोध करने पर उन्हें नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जबकि दलालों को तत्काल ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिए जाते हैं। हंगामे के दौरान उनकी विद्युत कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक हुई। आक्रोशित किसानों ने जेई आलम का भी घेराव किया। बाद में जेई सीपी सिंह ने उन्हें समझाकर शांत किया। जेई सीपी सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। हंगामे के दौरान खिलारी, सुनील, सुबोध, अमित, प्रमोद, जयप्रकाश, कुलदीप, सोहनवीर, जयपाल, महेंद्रख् आजाद शामिल रहे।