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योगी की टीम में कौन से विधायक को मिलेगी जिम्मेदारी?

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बागपत। योगी सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की सुगबुगाहट से सियासी हलचल शुरू हो गई है। लोकसभा चुनाव सिर पर है, ऐसे में क्या जिले के किसी विधायक को मंत्रिमंडल में कोई जिम्मेदारी मिल सकती है। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ रालोद के गढ़ में चार बार आ चुके हैं। ऐसे में बहुत संभावना है कि किसान बेल्ट को साधने के लिए किसी विधायक का कद बढ़ाया जा सकता है।
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लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार करने की तैयारी में है। चुनावी समीकरणों को साधने के लिए प्रत्येक दृष्टिकोण से लखनऊ और दिल्ली में मंथन चल रहा है। बागपत सीट से योगेश धामा जीतकर विधानसभा पहुंचे । इस सीट पर पहली बार कमल खिला है। जाट वोट के अलावा इस सीट पर गुर्जर, ठाकुर, मुस्लिम, यादव, कश्यप वोटों की बहुतायत है, लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि भाजपा के समीकरण में धामा की लाटरी लग पाती है या नहीं।
छपरौली से विधायक सहेंद्र सिंह रमाला रालोद के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोट के बाद बदले राजनीतिक समीकरण में वह भाजपा में शामिल हुए। भाजपा के दिग्गजों से उनकी नजदीकी है। यही वजह है कि सियासी गलियारों में उनके मंत्री बनाने की चर्चा जोर पकड़ती रहती है। छपरौली रालोद का गढ़ है, किसानों को साधने और छपरौली सीट पर कब्जा करने के लिए सहेंद्र सिंह रमाला का कद बढ़ाया जा सकता है।
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बड़ौत शहर बागपत की राजनीति का केंद्र बिंदु है। यहां पालिका की राजनीति से सियासत में आगे बढ़े केपी मलिक भाजपा के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे । देखने वाली बात यह होगी कि क्या भाजपा के नेता केपी मलिक को आगे बढ़ाने का काम करते है या नहीं।

सत्यपाल सिंह वर्तमान में केंद्रीय मंत्री
बागपत। केंद्र सरकार में बागपत के सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह वर्तमान में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री है। सत्यपाल सिंह के बुलावे पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सीएम योगी आदित्यनाथ बागपत आ चुके हैं।

रालोद की पृष्ठभूमि के हैं तीनों विधायक
बागपत। भाजपा के तीनों विधायक रालोद की पृष्ठभूमि के हैं। योगेश धामा विधानसभा चुनाव से पहले ही भाजपा में शामिल हुए। इसके अलावा सहेंद्र सिंह रमाला चुनाव जीतने के बाद भाजपा में शामिल हुए। केपी मलिक भी रालोद में एमएलसी भी रह चुके हैं।
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