बड़ौत (बागपत)। बकाया गन्ना भुगतान सहित अन्य समस्याओं को लेकर किसानों ने बैठक की। इसमें वक्ताओं ने कहा मिल मालिकों के दबाव मेें अधिकारी काम कर रहे हैं, इस कारण किसान परेशान है।
बुधवार को बैठक की अध्यक्षता करते हुए राम कुमार चेयरमैन ने कहा कि चीनी मिल और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर किसानों का शोषण कर रहे हैं, जो अब सहन नहीं होगा। उन्होंने बताया कि पांच अप्रैल को मलकपुर गन्ना किसानों ने मेरठ गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह को किसानों के गन्ने पर ओवरलोड न काटने की मांग की थी। आरोप है कि किसानों की मांग कुछ समय के लिए मान ली और अगैती प्रजाति के गन्ने पर ओवरलोड जोड़ दिया, क्योंकि अगैती प्रजाति के गन्ने में रिकवरी ज्यादा आती है। इससे मिल को फायदा हुआ और सामान्य प्रजाति के गन्ने पर ओवरलोड काटा, क्योंकि उसमें रिकवरी कम आती है। उन्होंने कहा कि इससे ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रशासनिक अधिकारी मिल मालिकों के दबाव मेें काम कर रहे हो। उन्होंने कहा नियमित भुगतान नहीं होने से किसान पाई-पाई का मोहताज हो चुका है, क्योंकि गत चार माह से समिति पर सचिव नहीं बैठ रहे हैं, इससे किसानों की समस्या बढ़ गई है। उन्होंने सचिव का वेतन काटने की भी मांग की। बैठक में किसानों ने कहा यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे आंदोलन शुरू करेंगे। इसमें आदेश, सुधीर, पंकज, धर्मेंद्र, रमेश, आकाश, हरवीर, जयपाल, सहेंद्र, निखिल आदि रहे।