खेकड़ा (बागपत)।
कृषि विभाग ने बीज भंडार केंद्र परिसर में प्रगतिशील किसानों की बैठक की। इसमें कृषि अधिकारी तेजबीर सिंह ने किसानों को अधिक आय के लिए विभिन्न किस्म के बासमती चावल धान की पौध लगाने को कहा।
सोमवार को खेकड़ा शहर स्थित कृषि बीज भंडार केंद्र पर कृषि अधिकारी तेजबीर सिंह ने प्रगतिशील कृषकों की बैठक ली। इसमें तेजबीर सिंह ने कहा कि बासमती धान हमारे देश की अमूल्य धरोहर है। विशिष्ट गुणवत्ता के कारण बासमती चावल की देश विदेश में मांग बढ़ रही है। गुणवत्ता केे आधार पर तरावड़ी बासमती, टाईप थ्री, बासमती 370 एवं रनरीर बासमती उम्दा पारंपरिक प्रजातियां हैं। इन प्रजातियों की उपज क्षमता कम है, लेकिन उच्च गुणवत्ता के कारण देश विदेश में मूल्य अधिक मिलता है। इसके अलावा पूसा बासमती वन, पूसा बासमती 1121, हरियाणा बासमती, पंजाब बासमती, उन्नत पूसा बासमती वन, पूसा बासमती 6, बल्लभ बासमती 21, बल्लभ बासमती 22 भी विकसित की है। इिकी उपज अपेक्षा कृत अधिक है।
उन्होंने धान के खेत की तैयारी के लिए बुआई से पूर्व खेत में हरी खाद के लिए ढांचा, सनई, अथवा मूंग की फसल की बुआई करने की सलाह दी। रोपाई से 3 या 4 दिन पूर्व हरी खाद को खेत में पलट कर अच्छी तरह बिलो देना चाहिए। साथ ही खेत में पानी भरकर दो तीन बार पडलिग करके पाटा लगाकर खेत को समतल बना लें। जिससे हरी खाद पूरी तरह खेत की मिट्टी में समाहित हो जाती है। इसके बाद उपयुक्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, पौटास, जिंक सल्फेट का प्रयोग करें। ताकि अच्छी उपज ली जा सके। इस दौरान एडीओ कृषि विक्रम सिंह, बीज भंडार प्रभारी शैलेंद्र चौधरी, अजित गिरी, किसान नवाब सिंह, विरेंद्र, सुधीर, ओमपाल सिंह, तेजपाल, विरेंद्र, सुभाष, नरेश, पप्पू, बिजेंद्र आदि किसान मौजूद रहे।