बागपत। 19 करोड़ की लागत से एक सौ बिस्तर का महिला अस्पताल शुरू नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। एडवोकेट पवन तिवारी की जनहित याचिका पर सुनवाई कर हाईकोर्ट ने प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और सीएमओ बागपत से 30 जनवरी को जवाब मांगा है।
संयुक्त चिकित्सालय में 19 करोड़ की लागत से करीब पांच वर्ष पूर्व एक सौ बिस्तर के महिला अस्पताल का निर्माण कराया। अस्पताल का तीन-चार बार शुभारंभ हो चुका है, इसके बाद भी ताला लटका है। इसी बीच सरकार ने पीपीपी मॉडल पर इसे संचालित करने का निर्णय लिया । एक कंपनी ने इसे चलाने में हाथ खड़े किए, तो दूसरी कंपनी ने कर्मचारियों के इंटरव्यू लेकर कार्य शुरू कराने का दिन निर्धारित किया। इस कंपनी ने भी हाथ खड़े कर दिए। अब अस्पताल पर ताला लटका है। करोड़ों के सोलर उपकरणों को असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ दिया। एडवोकेट पवन तिवारी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की । न्यायमूर्ति गोविंद्र माथुर और न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह की पीठ ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और बागपत सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा से महिला अस्पताल न चलने की रिपोर्ट मांगी। अगली सुनवाई 30 जनवरी को होगी। उन्होंने कहा कि जनहित याचिका पर सुनवाई की गई है।