बड़ौत (बागपत)।
पिछले कई दिन तक चली बरसात के बाद रविवार की रात्रि में ख्वाजा नंगला गांव मेें दो मकान गिर गए। जबकि दंपति दब गए। जबकि बच्चों ने भागकर जान बचाई। ग्रामीणों ने मलबे से दंपति को निकाला। इससे पीड़ितों का लाखों का नुकसान हो गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की।
पीड़ित पुष्कर पुत्र चंदकी राम ख्वाजा नंगला थाना छपरौली का रहने वाला है। गांव में उसका कच्चा मकान है। पिछलेे कई दिन से हो रही बरसात के कारण पुष्कर के मकान में दरार आ गई। रविवार की रात्रि में वह अपनी पत्नी सुशीला और बच्चों मेें राजन व गुड्डन के साथ मकान में सो रहा था, तभी अचानक मकान गिर गया। पुष्कर और उसकी पत्नी सुशीला मकान के मलबे में दब गए, जबकि बच्चों ने भागकर जान बचाई। शोर सुनकर लोग उधर दौडे़ और मलबे से दंपति को निकालकर घायल अवस्था मेें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की।
दूसरी तरफ रात में ही गांव के जगदीश पुत्र गोवर्धन का भी मकान अचानक गिर गया। इसमेें मकान सो रही उसकी पत्नी रेखा और बच्चे ( अंशु और कन्हैया) ने भागकर जान बचाई। पीड़ितों के अनुसार मकान के मलबे से घर में रखा गेहूं, कपड़े, पशुओं का चारा, चारपाई आदि सहित लाखों रुपये का नुकसान हो गया। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के बाद धूम निकलने से कई अन्य लोगों के मकान गिरने की स्थिति में आ गए हैं। कभी भी दरार आए मकान गिर सकते हैं।