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सत्यपाल सिंह के बहाने, मोदी ने साधे तीन निशाने

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बागपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद डॉ सत्यपाल सिंह को मानव संसाधन, जल संसाधन और नदी विकास राज्यमंत्री बनाकर एक तीर से तीन निशाने साधे हैं। गढ़ में ही रालोद की वापसी रोकने के लिए उन्हें ताकत दी गई। मंत्रालय में जाट बिरादरी का प्रतिनिधित्व और करीब 30 साल की उनकी पुलिस सेवा के अनुभव का लाभ लेने के लिए नई जिम्मेदारी दी गई। केंद्र सरकार के दो साल बचे हैं, अब देखने वाली बात यह होगी कि चुनौतियों से अब वह कैसे निपटते हैं।
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केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह रालोद के गढ़ बागपत से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। दो साल बाद फिर चुनाव है। सियासत का इतिहास बताता है कि छोटे चौधरी अजित सिंह पहले भी भाजपा के ही सोमपाल शास्त्री से हारकर वापसी कर चुके हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा के रणनीतिकार नहीं चाहेंगे कि रालोद को वापसी का मौका मिले, इसलिए डॉ सत्यपाल सिंह का कद बढ़ाया गया है। मुजफ्फरनगर के सांसद डॉ संजीव बालियान के इस्तीफे के बाद वेस्ट यूपी की जाट बेल्ट में भाजपा के प्रति असंतोष की भावना पनपे, इसलिए मोदी मंत्रीमंडल में वह भाजपा का जाट चेहरा भी होंगे। तीसरा निशाना साधा गया है कि उनकी पुलिस सेवा के अनुभव से विकास की मंशा का। असल में बीजेपी का राष्ट्रीय नेतृत्व जानता है कि डॉ सत्यपाल सिंह ने महाराष्ट्र कैडर की पुलिस सेवा में रहते हुए नाम कमाया। सीबीआई में सेवाएं दी और वह मुंबई के पुलिस कमिश्नर भी रहे। मुंबई के संगठित अपराध को तोड़ने में उनकी अहम भूमिका रही। पीएम मोदी ने उनकी इसी छवि और कार्यशैली का प्रयोग करने के लिए मंत्रीमंडल में जगह दी। लेकिन उनके लिए चुनौतियां भी कम नहीं है।

मंत्रालय मिला तो बढ़ गई उम्मीदें भी
बागपत। केंद्रीय राज्यमंत्री बनने के बाद लोगों को उनसे उम्मीदें भी बढ़ गई है। जिले के लोग कहते हैं कि समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान होना चाहिए। जिले की जो समस्याएं पांच साल पहले थी, अब भी वही बरकरार है।
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अजित सिंह को हराकर बनें दूसरे मंत्री
बागपत। भाजपा कोटे से केंद्र में मंत्री बनने वाले डॉ सत्यपाल सिंह दूसरा चेहरा थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री सोमपाल शास्त्री ने अजित सिंह को हराया तो उन्हें कृषि मंत्रालय दिया गया था, लेकिन इसके बाद अजित सिंह ने अगले ही चुनाव में फिर वापसी की। पिछले लोकसभा चुनाव में डॉ सत्यपाल सिंह ने बड़े अंतर से छोटे चौधरी को हराया। इस चुनाव में रालोद मुखिया अजित सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। देखने वाली बात यह होगी कि दो साल बाद होने वाले चुनाव की तस्वीर में सियासत के क्या रंग भरते हैं।

प्रकाश जावड़ेकर के बनें हमराही
बागपत। मानव संसाधन विकास के कैबिनेट मंत्री प्रकाश जावड़ेकर है। डॉ सत्यपाल सिंह इन्हीं की टीम में होंगे। यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए डॉ महेंद्र नाथ पांडेय मानव संसाधन विकास मंत्रालय में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री हैं।
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