दोघट (बागपत)।
झूंडपुर गांव के पास से बह रही हिंडन नदी में डूबकर भैंसें की मौत हो गई। जबकि बुग्गी में सवार पांच-छह किसानों को लोगों ने डूबने से बचाया। किसान नदी पार अपने खेतों में काम कर वापस लौट रहे थे। पुल न होने के कारण सैकड़ों किसान हर रोज जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं। किसानों ने शासन से पुल बनवाने की मांग की।
झूंडपुर गांव निवासी किसान नत्थु पुत्र कृपाल के खेत हिंडन नदी के दूसरी तरफ है। शुक्रवार की सुबह वह भैंसा-बुगी से नदी पार कर खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गया । जब वह खेत से वापस लौटे तो बुग्गी में किसान राजा पुत्र लोकेंद्र, प्रमोद पुत्र कृपाल, कृष्णपाल पुत्र दारा समेत पांच-छह किसान सवार हो लिए। हिंडन नदी में वर्तमान समय में जल स्तर बढ़ा हुआ है। नदी पार करते समय भैंसा-बुग्गी भंवर में फंस गई। पानी के बहाव में बुग्गी पलट गई। किसान पानी में डूबने लगे। शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे काफी संख्या किसान वहां पहुंचे और डूब रहे सभी किसानों को सकुशल बाहर निकाला। नदी में डूबकर भैंसें की मौत हो गई। किसानों ने भैंसें के शव को नदी से बाहर निकाला। इस हादसे के बाद किसानों में शासन-प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने कहा उन्होंने कई बार नदी में पुल की मांग की, लेकिन आज तक पुल नहीं बनवाया। चेतावनी दी कि यदि जल्दी पुल को निर्माण नहीं किया तो उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
हर रोज नदी पार करते है सैकड़ों किसान
दोघट। तवेला गढ़ी, झूंडपुर, पट्टी बंजारन, मिलाना आदि गांवों के सैकड़ों की किसानों की हिंडन नदी के पार हजारों बीघा कृषि भूमि है। किसान हर रोज जान जोखिम में डालकर नदी पार खेती करने के लिए जाते हैं। कई बार हादसे भी हो चुके हैं। झूंडपुर में अब तक नदी पार करते समय 8-9 किसानों की मौत हो चुकी है। कई बार किसान डूबने से बचाए गए। पिछलेे वर्ष नदी में ट्रैक्टर पलटने से युवक की मौत हो गई। क्षेत्रवासी लंबे समय से नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे है, लेकिन शासन-प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा।
डीएम से लेकर सीएम तक कर चुके हैं शिकायत
दोघट। हिंडन नदी में सरोरा गांव के पास पुल है। क्षेत्र के किसान यदि पुल से होकर खेतों में जाएंगे तो कम से तीन घंटे खेतों तक जाने में लगेंगे। प्रधान संजय देशवाल ने बताया कि डीएम से लेकर सीएम तक पुल निर्माण कराने की मांग कर चुके है। पिछले दिनों मेरठ कमिश्नर के आदेश पर टीम नदी पर आई थी और पुल के लिए नक्शा बनाकर ले गई थी, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हुआ।