बिजली संकट पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
बड़ौत। अंधाधुंध विद्युत कटौती सहित अन्य बिजली समस्याओं से क्षुब्ध बावली, महावतपुर व रूस्तमपुर गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को गांव में एकत्रित होकर जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को भी जाम करने का प्रयास किया। हंगामा बढ़ता देख सूचना पर पहुंचे एसडीओ और जेई को ग्रामीणों ने बंधक बनाया लिया और उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। हालांकि बाद में बंधक एसडीओ और जेई द्वारा उनकी मांग पूरी करने केे आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
शुक्रवार को काफी संख्या में ग्रामीण जिला पंचायत सदस्य निशांत तोमर के नेतृत्व मेें गांव में एकत्रित हुए और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसी भीषण गर्मी मेें पिछलेें 15 दिनों से ग्रामीणों को मात्र दो से तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। जिस कारण गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं किसानों की फसल बिन बिजली सिंचाई न होने पर सूखकर बर्बाद हो रही है। जिला पंचायत सदस्य निशांत तोमर ने कहा कि गांव मेें पिछलें कई माह से लगातार त्रुटिपूर्ण विद्युत बिल भेजकर उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है। लगातार विद्युत बिल जमा करने के बाद भी चेकिंग के नाम पर किसानों से अवैध वसूली की जा रही है, समय पर किसानों को फूंके ट्रांसफार्मर के बदले नए ट्रांसफार्मर भी नहीं दिए जा रहे हैं। बाद में आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे अवरुद्ध करने का प्रयास किया। सूचना पर एसडीओ गोपाल व अवर अभियंता आलोक मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें बंधक बना लिया और उन्हें खरी-खोटी सुनायी। बाद में जेई आलोक ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कराया जाएगा, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए। हंगामा करने वालों में रमेश, सुधीर, मामचंद, भोपाल, सुखवीर, जयवीर, नरेंद्र, अनुज, ओमपाल, हरीश, वीरेंद्र शामिल रहे।