किसान पहरा देने को मजबूर, गांव-गांव में खोली जाए गोशाला
बागपत। जिले के हर गांव में ग्रामीण बेसहारा गोवंश से परेशान हैं। किसान रात में पहरा देकर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बाद भी फसल का नुकसान नहीं रुक रहा। किसान के खेत से जाते ही पशु फसल खा जाते हैं। जनपदवासियों ने गांव-गांव में गोशाला खोलने की मांग की।
बुढेड़ा गांव के पूर्व प्रधान ब्रजपाल सिंह बताते हैं कि बेसहारा गोवंश फसलों को तो नुकसान पहुंचाते ही है, साथ में घरों में बंधे पशुओं को भी परेशान करते हैं। आवारा गोवंश घरों में घुसकर चारा खा जाते हैं। इनसे निजात दिलाई जाए।
गांव के रमेश का कहना है कि जब आवारा गोवंश को भूख लगती है तो वे किसानों के पीछे भाग लेते हैं। कई बार टक्कर मारकर किसानों को घायल भी कर देते हैं।
किसान अरविंद भाटी व सुखवीर सिंह का कहना है कि बेसहारा गोवंश जिस खेत में घुस जाते हैं, पूरे खेत को बर्बाद कर देते हैं। कुछ फसल को खा जाते है तो कुछ फसलों को रौंद देते हैं। इन्हे गौशाला में भिजवाया जाए।
ढोढरा गांव निवासी किसान अमरपाल व जयप्रकाश का कहना है कि उन्होंने 20 बेसहारा गोवंश पकड़ लिए थे। प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन कोई नहीं आया। गांव के किसान गोवंश से परेशान है। क्यामपुर गांव के नरेंद्र, धनेश, अनिल कुमार, शांति देवी व ओमप्रकाश ने बताया कि आवारा गोवंश ने कई किसानों के खेत पूरी तरह से बर्बाद कर दिए हैं। एक घंटे में पूरे खेत को खा जाते हैं। कई ग्रामीणों को टक्कर मारकर घायल भी कर चुके हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री से आवारा गोवंश का प्रबंध करने की मांग की।