बागपत। जिले की तीनों तहसीलों में बुधवार को वित्तीय वर्ष 2018-19 के भांग के ठेके की बोली लगाई। बोली के दौरान तीनों ठेके 45.25 लाख रुपये में छोड़े गए हैं। भांग के ठेके के लिए सात लोगों ने आवेदन किया। इसमें दो अनुपस्थित रहे और पांच ने बोली में भाग लिया।
जिले में ऑनलाइन शराब के ठेके छोड़े जा चुके हैं। बीयर, देसी और अंग्रेजी शराब की 95 दुकानें आवंटित हो गई है। इसकी सभी प्रक्रिया पूरी हो गई है। शेष बची दुकानों के लिए 26 मार्च को लाटरी निकाली जाएगी। वहीं बुधवार को जिले में तीन दुकानों के लिए भांग के ठेके छोड़े गए। इसके लिए सात लोगों ने आवेदन किया । कलक्ट्रेट में आबकारी विभाग और एडीएम ने दुकानों के लिए बोली की प्रक्रिया शुरू कराई। बागपत, बड़ौत और खेकड़ा तहसील क्षेत्र में भांग की दुकान संचालित कराने के लिए 45.25 लाख रुपये के ठेके छोड़े गए। एडीएम लोकपाल सिंह और जिला आबकारी अधिकारी राम उजागिर मौर्य ने बताया कि सबसे अधिक बड़ौत स्थित दुकान का सबसे अधिक का ठेका हुआ है। एडीएम ने बताया वित्तीय वर्ष 2017-18 के ठेके के मुताबिक 15 प्रतिशत शासन स्तर से धनराशि बढ़ाई गई है।
भांग के ठेके में धांधली का आरोप
बागपत। भांग के ठेके में धांधली का आरोप लगाकर चार ठेकेदारों ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपा। आरोप लगाया कि आबकारी विभाग ने से उन्हें हॉल टिकट नहीं दिया, इसके चलते वे बुधवार को होने वाली भांग के ठेके की बोली में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने ठेके को निरस्त कराकर दोबारा से ठेके की नीलामी की कार्रवाई करने की मांग की।