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बुढ़ेडा और क्यामपुर में गोवंशीय पशुओं पर फैसला नहीं, ग्रामीण नाराज

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बुढ़ेडा और क्यामपुर में गोवंशीय पशुओं पर फैसला नहीं, ग्रामीण नाराज
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बागपत। विभिन्न गांवों में घूम रहे गोवंशीय पशुओं को लेकर ग्रामीणों के बीच नाराजगी है। बुढ़ेडा और क्यामपुर गांव में ग्रामीणों ने पकड़े गए आवारा गोवंश को छोड़ने से इंकार कर दिया । पशु चिकित्सकों की टीम ने पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता भी की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बेसहारा गोवंश का प्रबंध नहीं किया जाता, गोवंश को नहीं छोड़ेंगे। उनके लिए ग्रामीणों ने चारे की व्यवस्था भी कर दी है। छह से अधिक गांव के लोगों के बीच नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि गोवंशीय पशुओं पर फैसला नहीं किया तो आंदोलन से पीछे नहीं हटा जाएगा।
बुढ़ेडा गांव में बृहस्पतिवार को फसलों को नुकसान पहुंचा रहे बेसहारा गोवंश को पकड़ कर प्राइमरी पाठशाला में बंद कर दिया था। यहां से उन्हें निकाल कर बली पुत्र राजाराम के घेर में बंद कर दिया। शुक्रवार को पशु चिकित्सालय धनौरा सिल्वरनगर के चिकित्सक आनंदपाल, लेखपाल सुशील शर्मा टीम के साथ गांव पहुंचे और ग्रामीणों से आवारा पशुओं को छोड़ने के लिए वार्ता की। ग्रामीणों ने कहा कि आवारा गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जब किसान गोवंश को खेतों से निकालने के लिए जाते हैं तो उन्हें टक्कर मारकर घायल कर देते हैं। कई किसानों की गेहूं, सब्जी, गन्ने की फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। जब तक आवारा गोवंश का प्रबंध नहीं होता, तब तक वे इन्हें नहीं छोड़ेंगे। पशु चिकित्सक व लेखपाल ने उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समाधान कराने का आश्वासन दिया। पूर्व ग्राम प्रधान ब्रजपाल ने बताया कि ग्रामीणों ने आवारा पशुओं के खिलाफ चारे व पानी की व्यवस्था कर दी है। प्रशासन इन्हें गोशाला में भिजवाने का प्रबंध करें। ग्रामीण अपने खर्चे पर गोवंश को गोशाला छोड़कर आएंगे।
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वहीं क्यामपुर गांव में ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में आवारा गोवंश को बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि बेसहारा गोवंश फसलों को बर्बाद कर रहे है। गोवंश को नहीं छोड़ा जाएगा। इन्हे गोशाला भिजवाया जाए। यदि गोवंश का प्रबंध नहीं किया गया तो स्कूल भी नहीं खुलने देंगे। मुख्य चिकित्साधिकारी राजपाल सिंह ने बताया कि क्यामपुर गांव में टीम भेजी गई है। उच्चाधिकारियों से बातचीत चल रही है। जल्दी ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। ढोढरा गांव में भी ग्रामीणों ने आवारा गोवंश को पकड़ कर घेर में बंद कर दिया। जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो उन्होंने गोवंश को छोड़ दिया। चेतावनी दी कि यदि जल्दी गोवंश का प्रबंध नहीं किया गया तो ग्रामीण फिर से इन्हें पकड़कर स्कूल में बंद कर देंगे। इनके अलावा सरूरपुरकलां, सूजरा, गठिना, बिचपड़ी, गाधी, अमीनगर सराय, पिलाना, भगोट, खेकड़ा, बड़ौत, दोघट, दाहा में भी फसल बर्बाद कर रहे बेसहारा गोवंश को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा है।
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उधर, डीएम ऋषिरेंद्र कुमार का कहना है कि गोशालाओं में गोवंश को भिजवाने की व्यवस्था की जाएगी। गोशालाओं में जगह है। किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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