निरपुड़ा गांव में चकबंदी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की गई है। गांव के शिव मंदिर में चकबंदी अधिकारियों ने बैठक कर चकबंदी कमेटी का गठन किया। सोमवार से खेतों की कीमत लगानी शुरू होगी।
निरपुड़ा गांव में चकबंदी प्रक्रिया 1982 में शुरू की, लेकिन बार-बार किसानों ने इस पर स्टे लिया । इस कारण चकबंदी आज तक पूरी नहीं हो सकी। बामनौली में हुई चकबंदी प्रक्रिया को देखकर ग्रामीणों ने भी गांव में चकबंदी कराने से इंकार कर दिया और कहा कि नए सिरे से चकबंदी प्रक्रिया कराई जाए। इस पर चकबंदी अधिकारियों ने पुरानी प्रक्रिया को खत्म कर नए सिरे से चकबंदी प्रक्रिया शुरू की है।
बुधवार को गांव के शिव मंदिर में चकबंदी अधिकारियों ने किसानों की बैठक की, इसमें चकबंदी कमेटी का गठन किया । सोमवार से चकबंदी कर्मचारी गांव में बैठ कर खेतों की कीमत निर्धारित करना शुरू कर देंगे। 16 सदस्य चकबंदी कमेटी में सविता, रोशनी, बानो, राजकुमार, योगेंद्र, रिंकी, मुनेश, संगीता, हितेंद्र, प्रशांत, महताब, समीन, इंद्रपाल, विपिन, कमलेश, मांगेराम को सदस्य बनाया है। सोमवार से खेतों की कीमत लगानी शुरू कर दी जाएगी। सहायक चकबंदी अधिकारी मोहम्मद अब्दुल्ला ने कहा कि गांव में ही बैठ कर ही चकबंदी की जाएगी। निष्पक्ष तरीके से चकबंदी होगी। चकबंदी का कार्य तेजी से किया जाएगा। इस मौके पर कानूनगो अरुण कुमार शर्मा, शीशपाल सिंह, चकबंदी लेखपाल शुभम वशिष्ठ, उम्मेद खान, अनुसेवक सतवीर सिंह आदि किसान मौजूद रहे।