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एटीएम पर ताले, कहीं खड़ी मिली बाइक

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बागपत। नोट बंदी के एक साल बाद भी एटीएम लोगों के लिए सुविधाजनक साबित नहीं हो पा रहे हैं। शहर के अधिकतर बैंकों के एटीएम पर ताले लटके मिले। कहीं सर्वर डाउन मिला। सिंडीकेट बैंक के एटीएम कक्ष में तो दो बाइक खड़ी कर दी, जबकि एटीएम खराब था।
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बुधवार को नोट बंदी का एक साल पूरा हो गया। कैश बैंक में रख कर जरूरत के हिसाब से रुपये निकालने वाले लोगों के लिए एटीएम बड़ा सहारा है, लेकिन आए दिन व्यवस्था खराब होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बुधवार को दिल्ली रोड स्थित केनरा बैंक के एटीएम पर ताला लटका मिला। यहां रुपये निकालने आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सिंडीकेट बैंक के एटीएम का सर्वर डाउन मिला, जबकि यहां कक्ष में दो बाइक खड़ी थी। स्टेट बैंक पर ताला लटका मिला। पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से जरूर कैश निकल रहा था। शहर के लोगों का कहना है कि एटीएम व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। ओमवीर सिंह, सतेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार का कहना है कि व्यवस्था दुरुस्त कराई जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को लाभ मिल सकें। अग्रणी बैंक के प्रबंधक राजू पीवी का कहना है कि सर्वर डाउन होने से कई बार परेशानी होती है।

देहात में खत्म नहीं हुई कैश की समस्या
बड़ौत। शहरी क्षेत्र के अधिकांश बैंकों में तो नोट बंदी का असर समाप्त हो गया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों के बैंकों मेें अभी भी नई करेंसी को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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आठ नंवबर 2016 को पुरानी करेंसी बंद होने पर सभी जगह नोट बंदी का असर देखा जा सकता था, लेकिन बड़ौत नगर की बात करें तो यह धीरे-धीरे असर समाप्त हो गया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में नोट बंदी का असर अभी तक देखने को मिल रहा है। बैंक द्वारा उन्हें बहुत ही कम मात्रा में नई करेंसी दी जा रही है। छोटे नोट ज्यादा बांटे जा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में एटीएम का अभाव है। उपभोक्ता नगदी लेने बैंक में जाते हैं तो उन्हें नई करेंसी कम और छोटे नोट ज्यादा दिएं जाते हैं। ज्यादा नगदी निकालने के लिए उपभोक्ताओं को बैंक को एक दिन पहले सूचित करना पड़ रहा है। बैंक अगले दिन नगदी का इंतजाम करके उपभोक्ता को भुगतान कर रहे हैं।

बागपत में जमा हुए थे 12 सौ करोड़ रुपये
बागपत। अग्रणी बैंक के प्रबंधक पीवी राजू का कहना है कि नोट बंदी के दौरान जिले से करीब 12 सौ करोड़ रुपये बैंकों में जमा हुए थे। इसके अलावा अलग-अलग बैंकों से नोट बंदी से पहले 62 फीसदी लोन में से लोगों ने 12 फीसदी जमा कर दिया था।

कैश लैस लेनदेन बढ़ा, मंजिल दूर
बागपत। नोट बंदी के बाद जिले में कैश लैस लेनदेन बढ़ गया है, लेकिन मंजिल दूर है। शहर में दुकानों से लेकर पेट्रोल पंपों पर कार्ड स्वैप कराए जा रहे हैं, लेकिन देहात में अभी भी भ्रम की स्थिति है, इस कारण समस्या बनी है।
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