बड़ौत (बागपत)।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में घोर लापरवाही के चलते विभागीय अधिकारियों की गैर मौजूदगी मेें पुष्टाहार उतारने के मामले में बुधवार को सीडीपीओ ने एसडीएम कार्यालय में अपना स्पष्टीकरण दिया। साथ ही कार्यालय में बिना अनुमति के चल रहे आंगनबाड़ियों के धरने की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अधिकारियों की गैर मौजूदगी मेें पुष्टाहार उतारने के मामले में सीडीपीओ सारधा बुधवार को एसडीएम कार्यालय में पहुंची और अपना स्पष्टीकरण दिया। स्पष्टीकरण के दौरान सीडीपीओ सारधा ने बताया कि विभागीय मीटिंग के चलते वे बागपत में थी और पुष्टाहार उतारने के दौरान देखरेख की जिम्मेदारी सुपरवाइजर कमलेश को दी । सुपरवाइजर की देखरेख में पुष्टाहार उतारा गया है। इसमें कोई धांधली नहीं हुई है। सभी आरोप निराधार है।
सीडीपीओ ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते विभागीय कार्य दुरुस्त है। कुछ आंगनबाड़ी कार्य में बाधा पैदा करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में एसडीएम ने कहा सीडीपीओ ने स्पष्टीकरण दिया है। नायाब तहसीलदार को भी स्टाक की जांच करने के लिए भेजा है। उन्होंने बताया सीडीपीओ ने उन्हें बिना अनुमति के आंगनबाड़ियों के चल रहे धरने की जानकारी दी। जल्द ही वेतन काटने की कार्रवाई होगी। उधर आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की ब्लाक शर्मिष्ठ ने कहा शासन की अनुमति से धरना आचार संहिता लगने से पूर्व चल रहा है।