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तीस साल बाद विकास कार्यों पर पाबंदी हटी

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तीस साल बाद विकास कार्यों पर पाबंदी हटी
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दोघट (बागपत)। गन्ना विकास परिषद बुढ़ाना द्वारा चौगामा क्षेत्र के 12 गांवों में कराए जाने वाले विकास कार्यों पर 30 साल बाद पाबंदी हटा ली गई है। अब इन गांवों में गन्ना विभाग द्वारा विकास कार्य कराए जाएंगे। इससे इन गांवों में इस विभाग के माध्यम से कुछ कार्य हो पाएंगे।
बता दें कि बागपत के जिला बनने से पूर्व गन्ना परिषद क्षेत्रों के सीमांकन और उनमें आने वाले गांवों में विकास कार्यों को लेकर कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। इसके चलते ही 30 साल पूर्व प्रस्ताव पारित कर चौगामा क्षेत्र के भड़ल, गैडबरा, धनौरा, तवेलागढ़ी, दाहा, निरपुड़ा, बोपुरा, फौलादनगर, गढ़ी कांगरान, चित्तमखेड़ी, आदमपुर, इदरीशपुर गांवों में गन्ना विभाग द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों पर पाबंदी लगा दी थी। गन्ना समिति बुढ़ाना में चौगामा क्षेत्र के 12 गांवों का 22 प्रतिशत का हिस्सा है।
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इस पाबंदी को हटाने के लिए पूर्व डायरेक्टर सुखवीर सिंह राणा और भाजपा नेता मांगेराम निरपुड़ा ने काफी प्रयास किए। इन्हीं प्रयासों के बाद अब गन्ना आयुक्त ने विकास कार्यों पर लगाई गई पाबंदी को हटा दिया है। 25 मार्च को गन्ना समिति बुढ़ाना की साधारण सभा की बैठक में भी प्रस्ताव पारित कर दिया गया है। समिति से जुड़े चौगामा क्षेत्र के गांवों में 22 प्रतिशत धनराशि विकास कार्य पर खर्च होगी। संजीव कुमार प्रधान, विक्रम प्रधान, विक्रम राणा, योगेंद्र राणा, सुरेश राणा, बीरबल शर्मा, वाहिद प्रधान, लियाकत प्रधान, महक सिंह, राजकुमार राणा शामिल रहे।
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