बागपत। अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों में गोवंशीय पशुओं के सही प्रकार से भरण पोषण, चारे, पानी और अन्य समस्याओं का ध्यान रखने के लिए 22 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। 22 गोवंश आश्रय स्थलों की निगरानी रखेंगे और हर 15 दिन में यहां निरीक्षण करेंगे। डीएम पवन कुमार ने जिम्मेदारी से कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है।
सूबे की सरकार ने आवारा गोवंशीय पशुओं को लोगों की मार से निजात दिलाने और किसानों को राहत देने के लिए प्रत्येक गांव, कस्बे और शहर में गोशाला खुलवाने के निर्देश दिए थे। गोवंशों के लिए एक करोड़ रुपये का बजट चारे के लिए जारी किया था। कुछ गांव में गोवंश आश्रय स्थल बनकर तैयार हो गए जहां पर गोवंशों का आसरा मिला हुआ है और कुछ पर कार्य चल रहा है। 22 गांवों में आश्रय स्थल बनाए हैं। इनमें जो अधूरे है उनको पूरा कराने और जो बनकर तैयार हो गए है और गोवंशों को रखा हुआ इसके लिए 22 अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया है। इनकी जिम्मेदारी रहेगी गोवंशों का भरण पोषण, पीने का शुद्ध पानी, समय-समय पर चिकित्सा सुविधा, चारे की समस्या का समाधान कराना रहेगा। हर 15 दिन बाद गोवंश आश्रय स्थलों का निरीक्षण करेंगे। डीएम पवन कुमार ने निर्देश दिए है कि सभी नोडल अधिकारी गोशालाओं का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में देंगे।
इनको सौंपी गयी गोवंश आश्रय स्थल की जिम्मेदारी
खेकड़ा एसडीएम को खेकड़ा, बसी, बागपत एसडीएम को पुराना कस्बा, जल निगम के अधिशासी अभियंता को अग्रवाल मंडी टटीरी, डीपीआरओ को मीतली गांव, जिला समाज कल्याण अधिकारी को अहमद शाहपुर पदड़ा, सहायक निबंधक सहकारी समिति को निबाली, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी को सिसाना, बड़ौत एसडीएम को बड़ौत, नलकूप एक्सईएन कासिमपुर खेड़ी, डीडीओ को ढ़िकाना, लोकनिर्माण विभाग एक्सईएन को टीकरी, सिंचाई एक्सईएन को दोघट, जिला समन्वयक अधिकारी एनआरएलएम को बिनौली, जिला कृषि अधिकारी को मुकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को हिसावदा, डिप्टी सीवीओ बागपत को खट्टा प्रहलादपुर, बीएसए को छपरौली, क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्था के प्राचार्य को छपरौली नगर पंचायत परिसर, डिप्टी सीवीओ मुख्यालय को रमाला, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को लूंब व डिप्टी सीवीओ बड़ौत को बदरखा की जिम्मेदारी सौंपते दी है।