बागपत। फीस अध्यादेश के विषय में डीआईओएस पीके मिश्रा ने प्राइवेट स्कूल संचालक और प्रबंधकों की बैठक ली। उन्हें अध्यादेश को समझाने और 11 बिंदुओं की सूचना को अप लोड करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया । छात्रों से नियम विरुद्ध फीस वसूलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
सोमवार को शहर के श्री यमुना इंटर कॉलेज सीबीएसई और आईसीएसई से संचालित स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों की डीआईओएस पीके मिश्रा ने बैठक ली। इसमें अवगत कराया कि स्कूलों में वसूली जाने वाली मनमानी फीस पर प्रदेश सरकार ने अध्यादेश लाई है। जिसके अनुसार ही स्कूलों में बच्चों से फीस वसूली होगी। वर्दी को मनमाने तरीके से नहीं बदली जाएगी। प्रवेश शुल्क के नाम पर अभिभावकों से वसूली नहीं होगी। स्कूल प्रबंधक और प्रधानाचार्यों के द्वारा किताबें और वर्दी खरीदने के लिए दुकान को पता नहीं बताया जाएगा। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त होगी। बताया कि फीस वृद्धि अध्यापकों को दिए जा रहे वेतन के अनुसार होगी। यह नियम उन स्कूलों पर लागू होगा जो एक विद्यार्थी से 20 हजार रुपये से अधिक सालाना वसूलते हैं। इससे कम वाले स्कूल इसके दायरे में नहीं जाएंगे। पांच साल में वर्दी नहीं बदली जाएगी। यद् िवर्दी बदली उसका निर्णय मंडलीय समिति लेगी। डीआईओएस ने सभी प्रबंधक और प्रधानाचार्यों से 11 बिंदुओं पर सूचना मांगी। इसको एक सप्ताह में ऑनलाइन विभाग की साइट पर अपलोड करना होगा। इसके साथ-साथ अध्यादेश को समझाने के लिए भी उन्हें सात दिन का समय दिया। इस दौरान प्रधानाचार्य कुमुद रानी, जसविंदर, छविराम और स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य मौजूद रहे।