परशु रामेश्वर मंदिर पर उमड़ा आस्था का सैलाब
- आज रात नौ बजकर 50 मिनट पर जलाभिषेक
- नौ बजे से होगा झंड़ा पूजन, मेला हो गया शुरू
अमीनगर सराय (बागपत)। परशु रामेश्वर महादेव मंदिर में कांवड़ मेले के पहले दिन आस्था का सैलाब उमड़ा। गंगाजल लेकर यहां बड़ी संख्या में कांवड़िये पहुंच गए हैं। जलाभिषेक के बाद श्रद्धालु अपने-अपने गांव के शिवालयों की ओर रवाना हुए। शुक्रवार रात शुभ मुहुर्त में जलाभिषेक करने वाले शिवभक्त मंदिर के आसपास ही ठहर गए हैं।
बृहस्पतिवार को कांवड़ मेले के पहले दिन एतिहासिक शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए लाखों कांवड़िये यहां पहुंच गए हैं। मुजफ्फरनगर से सरूरपुर कल्याणपुर से पुरा महादेव, खतौली, भोला झाल से कल्याणपुर, पुरा महादेव और भड़ल से बरनावा होते हुए पुरा गांव के रास्ते के जरिए यहां श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। भोले की जय-जयकार करते शिवभक्त यहां पहुंचे। जहां तक नजर गई कांवड़िए ही कांवड़िए नजर आए। मंदिर कमेटी और पुलिस-प्रशासन की मानें तो बृहस्पतिवार को एक लाख से अधिक कांवडिय़ों ने जलाभिषेक किया। शुक्रवार को शुभ मुहुर्त के लिए अधिकतर शिवभक्त पुरा गांव में ही ठहर गए हैं। उधर, अपने-अपने गांव में जलाभिषेक करने वाले कांवड़िए बृहस्पतिवार को यहां पूजा अर्चना कर लौटते रहे। उधर, पुरा गांव के लोग भी कांवडिय़ों के आवभगत में जुटे रहे।
पुरा महादेव पर तिरंगे ही तिरंगे
अमीनगर सराय। तिरंगा लेकर पहुंचने वाले कांवडिय़ों की संख्या पिछले सालों की अपेक्षा इस बार अधिक देखी गई। भारत माता के जयकारे लगाए गए। झंडे को लहराते हुए कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर बढ़े। हर कांवड़ पर तिरंगा झंड़ा दिखा।
कांवड़ की झांकियां देखने पहुंचे
अमीनगर सराय। मेले के पहले दिन यहां आसपास के गांवों के लोगों ने भी डेरा जमा लिया। दिनभर लोगों का आवागमन रहा। कांवड़ की झांकी देखने के लिए लोग पहुंचे। डाक कांवड़िए भी यहां पहुंचने शुरू हो गए है। उधर, बच्चों ने मेले में झूले का आनंद लिया।
चतुर-दशी पर जलाभिषेक का शुभ मुहुर्त
परशु रामेेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी जयभगवान शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात सवा बजे से त्रयोदशी लगेगी। इसके बाद शुक्रवार रात 9 बजकर 50 मिनट पर चतुर्दशी शुरू होगा। शिव के जलाभिषेक के लिए यही शुभ मुहुर्त है। अधिकतर कांवड़िए चतुर्दशी के शुभ मुहुर्त में ही जलाभिषेक करते हैं। शिवरात्रि पर पांच लाख से अधिक शिवभक्तों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।