आजमगढ़। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह से जुड़ने वाली महिलाओं को सूक्ष्म उद्यम सखी के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके लिए इन्हें मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित करेंगी और छोटे कारोबार शुरू करने के तरीके बताएंगी। साथ ही सूक्ष्म उद्यम सखी के रूप में कार्य करने वाली महिलाओं को मानदेय भी दिया जाएगा। मिशन प्रबंधक सच्चिदानंद ने बताया कि समूह के बीच से ही सूक्ष्म उद्यम सखी का चयन किया जाएगा। चयनित महिलाओं को मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित करेंगी, इसके बाद इन्हें क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी जाएंगी। कार्य एवज में में सूक्ष्म उद्यम सखी को शुरूआत के तीन महीने 12 सौ रुपये, चौथे से 12वें महीने तक 1500 रुपये, 13वें से 24वें माह तक 1800 व 25वें से 48वें माह तक 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा आवागमन के लिए 500 व मोबाइल खर्च के रूप में 300 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे।
जिले में करीब 19000 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी दो लाख 43 हजार महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। एनआरएलएम विभाग को शासन से मिले लक्ष्य के सापेक्ष चालू वित्तीय वर्ष 30,000 महिलाओं को नया समूह गठित कर या फिर पुराने समूह से जोड़ना है। चार लाख 85 हजार महिलाओं को इसमें जोड़ना है। विभाग समूह से जुड़ने वाली महिलाओं सूक्ष्म उद्यम की शुरूआत करने को प्रेरित कर रहा है। नए गठित प्रति समूह में 10 से 15 महिलाओंं को शामिल किया जा रहा है। इन महिलाओं को सूक्ष्म उद्यम शुरू करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित किए जाने की तैयारी है।