लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर दोनों ही गेजों पर खतरा बिंदु से ऊपर बह रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ आया है। जिसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चक्की हाजीपुर सहित देवारा खास राजा गांव की कई बस्तियां बाढ़ के पानी में घिरी हुई हैं।
बुधवार को डिघिया गेज पर घाघरा नदी का जलस्तर 71.07 मीटर दर्ज किया गया था जो बृहस्पतिवार को बढ़कर 71.09 मीटर हो गया। वहीं बदरहुआ गेज पर बुधवार को नदी का जलस्तर 71.74 मीटर दर्ज किया गया था जो बृहस्पतिवार को बढ़कर 71.79 मीटर हो गया। डिघिया गेज पर नदी का खतरा बिंदु 70.40 मीटर और बदरहुआ गेज पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है। रास्तों पर जलभराव के कारण आवागमन में परेशानी होने लगी है। बदरहुआ गेज पर जलस्तर खतरा बिंदु से 11 सेमी और डिघिया पर 69 सेमी अधिक है। चक्की हाजीपुर, देवारा खास राजा ,बगहवा, महाराज जी का पुरवा, लाला का पूरा, महाबल का पूरा, झंडी का पूरा, सहित एक दर्जन बस्तियां पानी से घिर गई हैं। पिछले चार दिनों से जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। जलस्तर में लगातार हो रहे बढ़ाव के कारण कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भर आया है। लोगों को विवश होकर पानी से गुजरना पड़ रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती लोगों की नींद उड़ा दी है।
नदी का जलस्तर डिघिया पर 24 घंटे में दो सेमी और बदरहुंआ पर पांच सेमी बढ़ा है। देवारा खास राजा, अजगरा मसरकी, अराजी अजगरा मगर्वी, चक्की, बांका, बूढ़नपट्टी, मानिकपुर, सोनौरा के ग्रामीण प्रभावित है। लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके लिए नाव की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिससे कि वह आ जा सके।
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अभी तक निष्क्रिय हैं बाढ़ चौकियां
लाटघाट। सरयू नदी के बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों के लोगों के लिए प्रशासन द्वारा 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई है। जिसमें महुला, गांगेपुर, हाजीपुर, जमुवारी, इस्माइलपुर, हैदराबाद, शिवपुर, कुढ़ही, औघड़गंज, उल्टहवा शामिल है। प्रशासनिक लापरवाही के कारण सभी बाढ़ चौकियां निष्क्रिय हैं।
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गांगेपुर रिंग बांध पर मंडराया खतरा
लाटघाट। कटान रोकने के लिए विभाग ने नदी में बंबूक्रेट मिट्टी, ईंट, पत्थर, गैबियान आदि बराबर डाल रहे हैं। बुधवार की रात दो बजे के लगभग कटान इतनी भयावह हुई कि देखते ही देखते 1 घंटे में करीब 10 मीटर बंबू क्रेट आदि लेकर बैठ गया। और रिंग बांध के पास कटान तेज होने लगी। जिससे स्थानीय लोगों की सांसे थम गई। बुधवार की रात में घाघरा की कटान इतनी भयावह हुई कि देखते ही देखते 10 मीटर काटकर रिंग बंधे के पास पहुंच गई। इसकी सूचना पाते ही ग्रामीणों की नींद उड़ गई। सहायक अभियंता धनंजय यादव अवर अभियंता आदि ने बताया कि रात दो बजे यह कटान हुई है और इसकी सूचना अपने उच्चाधिकारियों को दे दिया है।
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नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
लाटघाट। बाढ़ के पानी से घिरे गांवों में अब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांवों में छिड़काव व क्लोरिन की गोली का वितरण नहीं किया गया। जिससे ग्रामीणों में बीमारियां फैलने का डर सता रहा है। देवारा खास राजा के चक्की, सहित दर्जनों बस्तियां बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गई है। इसके साथ ही बांका बूढ़नपट्टी, मानिकपुर, सोनौरा, शाहडीह आदि गांव भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं। ऐसे में उन्हें स्वास्थ्य महकमा की ओर से कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। जिससे वह परेशान हो रहे हैं।