फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब नाना के इलाज में मासूम को बनना पड़ गया बॉटल स्टैंड

विज्ञापन
आजमगढ़ जिला अस्पताल की बदहाली और लापरवाही। घायल नाना के साथ इमरजेंसी आई मासूम बच्ची को स्वास्थ्? - फोटो : AZAMGARH
विज्ञापन
आजमगढ़। जिला अस्पताल में मरीज को ग्लूकोज चढ़ाने के लिए स्टैंड तक नहीं है। मारपीट में घायल एक व्यक्ति को ग्लूकोज लगाने के बाद उसकी नन्हीं नातिन को बोतल पकड़ा दी गई। वह इसी तरह काफी देर तक खड़ी रही। जब लोग इसका वीडियो बनाने लगे तब प्रशासन हरकत में आया और स्टैंड लगाया गया।
विज्ञापन

जहानागंज क्षेत्र के बड़उसा बुजुर्ग गांव के दशरथ सिंह (60) का पड़ोसी से भूमि संबंधी विवाद चल है। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद पड़ोसी ने विवादित जमीन से मंदिर तोड़ना शुरू किया तो उन्होंने विरोध किया। इस पर पड़ोसियों ने उनकी पिटाई कर दी। घायल दशरथ सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया। इमरजेंसी में डॉक्टर ने प्रारंभिक उपचार किया। ग्लूकोज लगाया और उसकी बोतल उसकी छह साल की नातिन नैना को थमा दिया गया। काफी देर तक कोई स्टैंड लेकर मौके पर नहीं पहुंचा। नैना काफी देर तक बोतल लिए स्टैंड की तरह नाना के सिरहाने खड़ी रही। उसको इस हालत में देखकर भीड़ जुटने लगी। कुछ लोगों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। उसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों को अपनी भूल का एहसास हुआ। तुरंत स्टैंड लाकर ग्लूकोज की बोतल टांगी गई। मंडलीय जिला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ एके सिंह का कहना है कि अस्पताल में स्टैंड की कमी नहीं है। यह किसी कर्मचारी की लापरवाही के चलते हुआ है। इस की जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें