सगड़ी के देवारा खास राजा में घाघरा की कटान।
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लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा एक बार फिर से तबाही मचाने को आतुर है। नदी के जलस्तर में विगत कई दिनों से लगातार वृद्घि हो रही है। बदरहुंआ में तीन सेमी और डिघिया में छह सेमी की रफ्तार से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी तेजी से कृषि योग्य भूमि का कटान करते हुए तटवर्ती गांवों के आशियानों को लीलने के लिए आगे बढ़ रही है।
जनपद के उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी देवारावासियों के लिए किसी दुस्वप्न से कम नहीं है। नदी प्रतिवर्ष बरसात के मौसम में देवारावासियों को गहरा जख्म देकर जाती है। जब तक देवारावासी इस जख्म को भरते हैं तब तक नदी फिर उन्हें जख्म देने के लिए आ जाती है। प्रतिवर्ष सैकड़ों लोग घर से बेघर होते हैं। कुछ लोग महुला गढ़वल बांध पर आशियाना जमाते हैं तो कुछ लोग प्रशासन द्वारा विद्यालयों में बनाए गए आश्रय गृहों में अपना डेरा जमाते हैं। आज भी दर्जनों लोग महुला गढ़वल बांध पर अपना आशियाना बसाए हुए हैं जिन्हें प्रशासन आज तक जमीन नहीं उपलब्ध करा सका है। वर्तमान में नदी ने एक बार फिर से कहर बरपाना शुरू कर दिया है। देवारा खास राजा गांव के लालधर, जगधर, कोमल, बिजयी, बीरबल आदि लोग अपना बांस, खूंटा, नाद, छप्पर आदि हटा रहे हैं। नदी खेती योग्य भूमि को काटते हुए तेजी से लोगों के आशियाने की ओर बढ़ रही है। डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदू 70.40 मीटर और अधिकतम 72.10 मीटर है। वहीं बदरहुंआ नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदू 71.68 मीटर और अधिकतम 72.72 मीटर है। सोमवार को बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 70.82 मीटर दर्ज किया गया था जो मंगलवार को तीन सेमी बढ़कर 70.85 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले पर सोमवार को नदी का जलस्तर 69.86 मीटर दर्ज किया गया था जो मंगलवार को छह सेमी बढ़कर 69.92 मीटर हो गया। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख तटवर्ती गांवों के लोगों में भय व्याप्त है। लोग अपनी घर गृहस्थी के सामानों को समेटने में जुट गए हैं।