आजमगढ़। आज जब राजनीति में अपराधियों का बोलबाला है लेकिन एक समय ऐसा था जब गलती से अपराधी प्रवृत्ति का कोई व्यक्ति टिकट पा जाए तो उसे राष्ट्र्ीय अध्यक्ष हराने की अपील कर देता था। नगर के कलेक्ट्रेट क्षेत्र स्थित मेहता पार्क मे 1989 के विधानसभा चुनाव में ऐसा ही हुआ था। लोकदल के अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह यहां अपनी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने आए। उन्होेंने जनसभा को संबोधित किया और प्रत्याशी को हराने की अपील करके चले गए। उनकी बात से सब हक्का-बक्का रह गए।
पतिराम यादव ने बताया कि 1989 का विधानसभा में लोकदल से श्याम करन यादव प्रत्याशी थे। उनके पक्ष में प्रचार करने के लिए मेहता पार्क में जनसभा का आयोजन किया गया था, जिसमें चौधरी चरण सिंह का संबोधन होना था। वह जनसभा को संबोधित करने आए जरूर और लोगों के सामने अपनी बात रखी। संबोधन के दौरान उन्होंने पहले अपने पार्टी के प्रत्याशी को जिताने की अपील लोगों से की। बाद में संबोधन के दौरान उन्होंने यह भी कह दिया कि अगर मैंने टिकट देने में गलती की है तो आप कोई चूक मत कीजिए। उनकी इस बात को सुनकर जनसभा मौजूद लोग हक्का-बक्का हो गए। वे यहीं नहीं रुके। दो टूक शब्दों में कहा कि अगर मेरा प्रत्याशी लुटेरा, चोर, गुंडा या बदमाश है तो उसकी जमानत जब्त करा देेना। चौधरी चरण सिंह ऐसी बातें मंच से ही नहीं कहते थे, बल्कि पार्टी की बैठकों में भी इसी तरह की बातें किया करते ते। वह कहते थे बागपत को छोड़ सकता हूं लेकिन आजमगढ़ को नहीं छोड़ सकता। आज ऐसे नेता न तो देखने को मिलते हैं और ना ही सुनने को मिलते हैं। उन्हीं तरह से जनपद में भी एक नेता हुआ करते थे बाबू विश्राम राय। जमींदार घराने से थे, विधानसभा चुनाव लड़े और जीते भी। उन्होंने कभी पेंशन नहीं ली। वहीं आज धनबल और बाहुबल का प्रदर्शन हो रहा है। सारा चुनाव ही इसी पर केंद्रित हो गया है। आज कोई लाभ का अवसर छोड़ना नहीं चाहता है।