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आपदा राहत में ड्यूटी करने जा रहे ग्राम सचिव का पुलिस ने काटा ढाई हजार का चालान

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रोजवेज पर बाइक सवारों की जांच करती पुलिस। - फोटो : AZAMGARH
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अहरौला। कोरोना संक्रमण से उपजे इस आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन के निर्देश पर कई विभागों के कर्मचारियों से राहत और बचाव का कार्य लिया जा रहा है। इसके लिए उन्हें पास भी जारी किया गया है। जान-जोखिम में डाल से राहत कार्य में लगे हैं। इसके बावजूद पुलिस विभाग इन लोगों पर कहर ढाने में पीछे नहीं रह रहा है। सगड़ी तहसील के बाद अब अहरौला के सेक्रेटरी विजयचंद यादव का 2500 का चालान काटा गया है। पुलिस के आगे जिला प्रशासन भी बेबस बना हुआ है। पुलिस की कार्रवाई से पंचायतकर्मियों में रोष है।
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अहरौला ब्लाक के ग्राम सचिव विजय चंद्र यादव ने बताया कि हमारी ड्यूटी कोरोना आपदा प्रबंधन में लगी है। परिचय पत्र भी है। बाइक पर गवर्नमेंट वर्क का पास लगाया गया है। बुधवार को अपनी सेवा देने के लिए जा रहे थे कि उन्हें माहुल चौकी के कांस्टेबल और एक सादी वर्दी में दोनों लोगों ने रोक लिया और बाइक का चालान कर दिया। मोबाइल पर ढाई हजार रुपए का चालान पहुंच गया। इसके पहले हमारे दूसरे साथी वीरेंद्र यादव का भी ड्यूटी पर आते समय ई-चालान किया गया था। इस तरह से पुलिस के व्यवहार से सभी पंचायत कर्मियों में आक्रोश है। इसकी शिकायत हम लोगों ने खंड विकास अधिकारी से की और इस तरह से किसी भी दशा में काम नहीं करने की भी बात कही। पुलिस बेवजह आपदा प्रबंधन में लगे कर्मियों को परेशान कर रही है। सीओ बूढ़नपुर शीतला प्रसाद पांडेय का कहना कि जो भी प्रबंधन में लगे हैं। उनके साथ पुलिस को ऐसा नहीं करना चाहिए। पुलिस के लोग भी परिस्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए। सीओ ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सीडीओ पहले भी कर चुके हैं शिकायत
आजमगढ़। राहत कार्य में लगे कर्मचारियों का चालान काटने के कई मामले में पहले भी हो चुके हैं। मुख्य विकास अधिकारी आनंद शुक्ला ने इसकी शिकायत डीएम से की है। वहीं, डीएम एनपी सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी है। ऐसे चालानों को एसपी से बात कर शून्य कराया जा रहा है। वहीं दोषी पुलिकर्मियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
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