मंडलायुक्त द्वारा फरिहा गांव में कराए गए विकास कार्यों की टीएसी जांच में 1728294.87 रुपये की वित्तीय अनियमितता प्रकाश में आई। उक्त प्रकरण में डीएम राजेश कुमार ने पूर्व प्रधान के खिलाफ वसूली का आदेश जारी करते हुए ग्राम विकास अधिकारी अभिमन्यु यादव और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की जेई रश्मी को निलंबित करने के साथ ही जांच अधिकारी जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई जयराम सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों द्वारा किसी मामले की जांच में किस प्रकार लीपापोती की जाती है इसका खुलासा फरिहा गांव में हुए विकास कार्यों की जांच में देखने को मिला है। मंडलायुक्त वीवी पंत द्वारा एक दिसंबर 2020 से 25 दिसंबर 2020 तक सर्वाधिक व्यय की गई धनराशि के 25 ग्राम पंचायतों की जिला स्तरीय टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए गए थे। जिसके क्रम में रानी की सराय विकास खंड की फरिहा ग्राम पंचायत की जांच के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई जयराम सिंह चौहान को संयुक्त रूप से जांच अधिकारी नामित किया गया। इनके द्वारा जांच कर अपनी आख्या जिला पंचायत राज अधिकारी को उपलब्ध कराई गई। जिसमें कोई भी प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में नहीं आया। इसके बाद मंडलायुक्त दोबारा टीएसी टीम गठित कर इसकी जांच कराई गई। जांच में ग्राम पंचायत फरिहा में 17 लाख 28 हजार 294 रुपये 87 पैसे की वित्तीय अनियमितता प्रकाश में आई। इस पर डीएम राजेश कुमार के निर्देश पर पूर्व प्रधान के खिलाफ वसूली का आदेश जारी किया है। वहीं ग्राम विकास अधिकारी अभिन्यु यादव और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की जेई रश्मी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही जांच अधिकारी जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई जयराम सिंह चौहान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है।