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धुंआ उगलते वाहन व जलता कूड़ा शहर की आबोहवा में घोल रहे जहर

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कोल घाट क्षेत्र में फसलों के अवशेष को जलाते किसान।-प्लान खबर की फोटो - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। ईंट भट्ठों और कारखानों की चिमनी और धुंआ उगलते वाहन के साथ जलते कूड़े शहर की आबोहवा में जहर घोलने का काम कर रहें है। इससे पर्यावरण दूषित हो रहा। दूसरी तरफ पर्यावरण संरक्षण के नाम पर हर साल होने वाला पौधरोपण बस फोटो खिंचाने तक ही सिमट कर रह गया है। प्रदूषण से सांस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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शहर में भी वायु, ध्वनि व जल प्रदूषण धीरे बढ़ता ही जा रहा है। सड़क पर फर्राटा भरते छोटे बड़े वाहनों के प्रेशर हार्न और डीजे की धुन से लोगों के सुनने की क्षमता कम होती जा रही है। वाहनों, ईंट भट्ठा और कूड़ा जलाने पर निकलने वाले धुंआ से जिले में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके बाद भी जिम्मेदार पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। इनका प्रयास सिर्फ पौधरोपण तक ही सिमट कर रह गया है। पर्यावरण को दूषित करने वाले कारणों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है। जिले में वाहनों के प्रदूषण जांच के लिए एआरटीओ कार्यालय में मशीन है लेकिन उसका प्रयोग साल में गिनती के दिनों में होता है। सहायक संभागीय परिवहन विभाग की उदासीनता के कारण वाहनों से निकलने वाला काला धुंआ तेजी से प्रदूषण फैला रहा है। यही नहीं सरकारी बसें भी काला व कच्चा धुंआ उगलते ही चलती है। इनको रोकने के नाम पर अधिकारी कागजी कोरम पूरा कर लेते हैं। प्रदूषण जांच का प्रमाण पत्र लगा कर चलने वाले वाहन भी हर कदम पर जहर उगल रहे हैं।
नियम ताक पर रख कूड़े में लगा दें रहे आग
आजमगढ़। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की सख्ती के बाद भी आए दिन कूड़े में आग लगा दी जा रही है। किसने लगाई आग, न इसकी धरपकड़ हो रही है, न ही कोई गंभीर दिख रहा है। पब्लिक नगर पालिका को सीधे तौर पर दोषी ठहरा रही है तो वहीं नगर पालिका सिरे से इसको खारिज कर रही है। बहरहाल, इन सबके बीच आम पब्लिक मुसीबतें झेल रही है। इन दिनों नगर पालिका द्वारा शहर का कूड़ा उठाकर पुराने जेल के सामने बंधे पर, बागलखरांव पुल के पास व हरैया में कूड़ा फेंका जा रहा है। इतना ही नहीं कूड़े में आग लगाकर कूड़ा का निस्तारण किया जाता है। जिससे शहर की आबोहवा में जहर घुल रहा है। फिर भी जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं।
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फेफड़ों को ऐसे रख सकते हैं स्वस्थ
धूम्रपान न करें, तनाव न पालें, टहलें। लंबी सांस लेने का नियमित व्यायाम करें। गहरी सांस लें और तीन सेकंड तक रोकें। हवा को बाहर निकालने के लिए पेट की मांसपेशियों का उपयोग न करें। प्रदूषण से बचने को थ्री लेयर मास्क का उपयोग करें।
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डॉ. अशोक सिंह, फिजिशियन, निदेशक मिशन अस्पताल।
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