अतरौलिया विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संग्राम यादव ने हैट्रिक लगाई है। इसके पूर्व वे 2012 और 2017 के चुनाव में भी सपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कराई थी। इस बार इस सीट को भाजपा ने अपने सहयोगी दल निषाद पार्टी को दे दिया था। निषाद पार्टी के टिकट पर प्रशांत सिंह चुनाव मैदान में उतरे थे। प्रशांत सिंह व संग्राम यादव के बीच सीधी टक्कर हुई। एक-दो राउंड में प्रशांत सिंह ने बढ़त भी बनाई लेकिन वे जीतने में सफल नहीं हो सके।
इस सीट पर संग्राम यादव के पिता व पूर्व मंत्री बलराम यादव ने पांच बार जीत दर्ज करा चुके हैं। पिता की विरासत संभालने के लिए संग्राम यादव 2012 में इस सीट से मैदान में उतरे और सफल भी हुए। इस सीट पर भी कांटे की लड़ाई देखने को मिली। हर राउंड के बाद देखने को मिल रहा उतार चढ़ाव दिन पर प्रत्याशियों व समर्थकों की चिंता को बढ़ाता रहा। सपा प्रत्याशी संग्राम यादव ने निषाद पार्टी के प्रशांत सिंह को 17247 मतों से पराजित किया।
वहीं भसपा से सुशील सिंह व कांग्रेस के प्रवीण सिंह काफी पीछे रहे। सदर में सपा व भाजपा की टक्कर देखने को मिली। वहीं सगड़ी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी बंदना सिंह को सपा प्रत्याशी एचएन पटेल ने पीछे छोड़ते हुए प्रत्येक राउंड में बढ़त बनाए रखे। वहीं अतरौलिया विधानसभा के सपा प्रत्याशी डा. संग्राम यादव भाजपा समर्थित प्रत्याशी प्रशांत सिंह को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ते रहे। वहीं भाजपा प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे।
मुबारकपुर विधान सभा सीट की जमीन समाजवादी पार्टी के लिए काफी दिनों से सूखी ही साबित हो रही थी। मात्र एक बार 1993 में सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी के रूप में रामदर्शन यादव ने इस सीट से जीत दर्ज कराई थी। इसके बाद से लगातार ही बसपा के खाते में रही है। लगभग दो दशक के अंतराल के बाद इस सीट पर साइकिल ने शुरू से रफ्तार पकड़ी और फिर मुड़कर नहीं देखी। एआईएमआईएम की पतंग लगातार पीछा करती रही लेकिन साइकिल को पछाड़ने में सफल नहीं हो सकी।
लगातार पांच बार से जीत दर्ज कर रही बसपा इस बार तीसरे स्थान पर पहुंच गई। बसपा प्रत्याशी अबदुस्सलाम भले ही अपनी जीत को लेकर निश्चिंत थे लेकिन एआईएमआईएम के टिकट पर उतरे वर्तमान विधायक शाह आलम उनकी राह का रोड़ा बन गए। वे न खुद जीते न ही बसपा को जीतने दिए। तीन बार से संघर्ष कर रहे सपा के अखिलेश यादव ने अपना परचम लहरा दिया है। इस सीट पर भी दूसरे स्थान पर भाजपा रही। शुरूआत में भले ही भाजपा पीछे चल रही थी अंतत: भाजपा दूसरे स्थान पर रही। सपा के अखिलेश यादव ने भाजपा के अरविंद जायसवाल को 28463 मतों के अंतर से पराजित किया।
विधानसभा सीट सदर पर एक बार फिर सपा के दुर्गा प्रसाद यादव अपना दुर्ग बचाने में सफल रहे है। भाजपा के अखिलेश ने उन्हें कड़ी टक्कर तो दी लेकिन अंतत: जीत सपा के दुर्गा प्रसाद यादव के नाम ही रही। दुर्गा प्रसाद यादव इस सीट से एक बार को छोड़ लगातार नौवीं बार विधायक चुने गए। 1985 में दुर्गा ने अपना राजनैतिक सफर शुरू किया। इसके बाद वे पीछे मुड़ कर नहीं देखे।
नौवीं जीत ने तो कीर्तिमान भी स्थापित किया है। अब दुर्गा प्रसाद यादव सर्वाधिक बार विधायक बन कर एक रिकार्ड ही कायम किया है। नौवीं जीत के लिए दुर्गा को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। भाजपा के अखिलेश मिश्रा ने दुर्गा प्रसाद यादव को इस चुनाव में कड़ी टक्कर दी।
एक राउंड तो ऐसा भी आया जब दुर्गा प्रसाद यादव कुछ मतों से अखिलेश मिश्रा से पीछे हो गए। इसके बाद भी उन्होंने जीत दर्ज किया। सपा प्रत्याशी दुर्गा प्रसाद यादव ने भाजपा के अखिलेश मिश्रा को 16036 वोटों के अंतर से पराजित किया। बसपा के सुशील सिंह तीसरे स्थान पर रहे।