आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार में दलितों का शोषण हो रहा है। संवैधानिक संस्थाएं, आरक्षण और दलित खतरे में है। सपा सरकार थी तो भाजपा वाले कहते थे कि एक जाति की सरकार है लेकिन आज देश में एक भी डीएम पिछड़े अथवा दलित वर्ग का नहीं है। यहां तक कि थानों में भी बड़े अधिकारी पिछड़ी, दलित, अल्पसंख्यक के नहीं हैं।
थाने से लेकर मुख्यालय तक पर जाति विशेष का कब्जा है। अखिलेश यादव की विजय यात्रा से भाजपा चारो खाने चित्त हो गयी है। भाजपा के नेताओं में लड़ने की हिम्मत नहीं है इसलिए सपा नेताओं के पीछे ईडी और सीबीआई लगाई जा रही है।