एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि यूपी कॉप मोबाइल एप से एफआईआर डाउनलोड कर पीड़ितों का नाम-पता निकालते थे। इसके बाद गूगल व निर्वाचन आयोग वेबसाइट से ग्राम प्रधान या स्थानीय नंबर लेकर पीड़ित का मोबाइल नंबर जुटाते थे। मुकदमे में मदद या गिरफ्तारी का डर दिखाकर भरोसे में लेते थे। फिर अलग-अलग क्यूआर कोड भेजकर ठगी थे।
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मोबाइल में मिली एफआईआर की कॉपियां
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आरोपी के मोबाइल में यूपी के कई जनपदों अलीगढ़, गोंडा, गाजीपुर, अमरोहा, औरैया, अमेठी, गोरखपुर, हमीरपुर आदि की कुल 12 एफआईआर की कॉपी डाउनलोड है। इसके अलावा तमिलनाडु, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना सहित 26 साइबर शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल से लिंक मिलीं, जिनमें कई आजमगढ़, गोरखपुर, भदोही और बाराबंकी के मामले भी शामिल हैं।