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Cyber Crime: पुलिस के एप से एफआईआर डाउनलोड के बाद करते थे ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह दो सदस्य गिरफ्तार

Wed, 10 Dec 2025 11:28 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh Crime News: आजमगढ़ जिले में साइबर ठगी के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पुलिस के एप से एफआईआर डाउनलोड करने के बाद डराकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। 
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ जिले के जहानागंज व साइबर थाने की पुलिस ने मंगलवार को साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। गिरफ्तार आरोपी अंकित यादव व दीनदयाल यादव के कब्जे से दो मोबाइल, फर्जी पुलिस परिचय पत्र, चार फर्जी आधार कार्ड व कई सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
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आरोपी उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में साइबर ठगी करते थे। आरोपी अपनी पहचान बताने के लिए पुलिस की फर्जी आईडी का प्रयोग भी करते थे। जिससे किसी को शक न हो सके।

एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि 25 नवंबर 2025 को मेंहनगर थाना क्षेत्र की महिला सविता ने थाना जहानागंज में तहरीर दी थी कि एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को ‘सिपाही रंजीत, थाना मेंहनगर’ बताते हुए फोन पर कहा कि आपकी लड़की मिल गई है उसे लेने जा रहे हैं, जल्दी क्यूआर कोड पर 24,000 रुपये भेजें।
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पीड़िता ने किसी तरह 22,000 रुपये भेज दिए, जिसके बाद ठग ने फोन बंद कर दिया। इस मामले में थाना जहानागंज पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मंगलवार को सर्विलांस व साइबर सेल की जानकारी पर थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा की टीम ने आजमगढ़ रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जनपद के भदरई गांव निवासी अंकित यादव व कनेरा बरियन गांव निवासी दीनदयाल यादव शामिल हैं। उक्त दोनों आरोपियों के खाते की जांच की गई तो करीब 20 लाख रुपये का डेटा मिला है। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि इनका गिरोह हर राज्यों में फैला है। अब तक इन लोगों ने कितने लोगों को निशाना बनाया इसकी पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी वैसे नए केस सामने आएंगे।
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ऐसे करते थे ठगी

एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि यूपी कॉप मोबाइल एप से एफआईआर डाउनलोड कर पीड़ितों का नाम-पता निकालते थे। इसके बाद गूगल व निर्वाचन आयोग वेबसाइट से ग्राम प्रधान या स्थानीय नंबर लेकर पीड़ित का मोबाइल नंबर जुटाते थे। मुकदमे में मदद या गिरफ्तारी का डर दिखाकर भरोसे में लेते थे। फिर अलग-अलग क्यूआर कोड भेजकर ठगी थे।

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मोबाइल में मिली एफआईआर की कॉपियां
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आरोपी के मोबाइल में यूपी के कई जनपदों अलीगढ़, गोंडा, गाजीपुर, अमरोहा, औरैया, अमेठी, गोरखपुर, हमीरपुर आदि की कुल 12 एफआईआर की कॉपी डाउनलोड है। इसके अलावा तमिलनाडु, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना सहित 26 साइबर शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल से लिंक मिलीं, जिनमें कई आजमगढ़, गोरखपुर, भदोही और बाराबंकी के मामले भी शामिल हैं।
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