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UP: आजमगढ़ साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 110 करोड़ की साइबर ठगी में अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 15 सदस्य गिरफ्तार

Tue, 09 Dec 2025 12:41 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

आजमगढ़ के थाना साइबर क्राइम पुलिस ने 7 दिसंबर को लखनऊ से आरोपी पकड़े। मोबाइल पर लिंक भेजकर और निवेश के जरिए ठगी करते थे। पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने देश में अलग-अलग जगहों से अब तक करीब 110 करोड़ रुपये की ठगी की है। गिरोह का अंतरराष्ट्रीय लिंक मिला है। 
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीएम किसान योजना के नाम पर एपीके एप, ई-चालान लिंक भेजकर और निवेश योजनाओं के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। थाना साइबर क्राइम की टीम ने गिरोह के 15 सदस्यों को 7 दिसंबर को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि आरोपियों ने देश में अलग-अलग जगहों से अब तक करीब 110 करोड़ रुपये की ठगी की है। ठगी की इस रकम को आरोपी क्रिप्टो करेंसी में निवेश करते थे। गिरोह का अंतरराष्ट्रीय लिंक भी मिला है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

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अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी ने बताया कि 18 नवंबर 2025 को पीड़ित करन गुप्ता के व्हाट्सएप पर पीएम किसान योजना का एपीके लिंक भेजा गया था, जैसे ही करन गुप्ता ने लिंक पर क्लिक कर एप को इंस्टॉल किया। ठगों ने उनके मोबाइल को हैक कर बैंक खाते से 7.77 लाख रुपये निकाल लिए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। 30 नवंबर को आरोपी परवेज अंसारी और मोहम्मद कलीम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों से जानकारी मिली कि गिरोह का सरगना समद उर्फ इमरान अपने साथियों के साथ लखनऊ में किसी बड़े साइबर फ्रॉड की योजना बना रहा है।

थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक टीम लखनऊ पहुंची और हुसड़िया चौराहे से इमरान और अर्जुन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर जीएम होटल और प्रेशियस बीएनबी होटल में छापा मारकर 10 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। होटल के बाहर कार से मोनू चौरसिया, सुल्तान अंसारी और बृजेश कुमार को भी पकड़ा गया।

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन की जांच में 121 बैंक अकाउंट, 31 खातों में संदिग्ध ट्रांजेक्शन व 186 एनसीआरपी केस (नैनीताल, रुद्रपुर, आंध्र प्रदेश) जुड़े मिले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न राज्यों में एटीएम से निकासी कर ट्रेसिंग से बचते थे।

गैंग ऐसे करता था ठगी
  • गिरोह इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से लोगों को खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड उपलब्ध कराने पर बड़े कमीशन का लालच देता था।
  • गैंग बैंक खाताधारकों से एटीएम, रजिस्टर्ड सिम और बैंक डिटेल प्राप्त कर लेता था।
  • इन्हीं खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये की राशि ट्रांसफर की जाती थी।

15 आरोपियों में 11 उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं
इनमें रामपुर जनपद के शहजाद नगर थाना क्षेत्र के भंडपुरा गांव निवासी इमरान अली उर्फ समद, झारखंड के गिरीडीह जनपद बेंगा बांध थाना क्षेत्र के बेलोनारी गांव निवासी सुल्तान अंसारी, दिल्ली के अलीपुर के स्वरूप नगर थाना क्षेत्र के स्वरूप नगर स्ट्रीट नं.16 हा.नं.463 निवासी अंकित कुमार है। छत्तीसगढ़ के रायपुर जनपद के मोधापारा थाना क्षेत्र के बैजनाथपारा नूरजहां होटल के पीछे निवासी सरफराज, कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र के बी-734 वर्ल्ड बैंक बर्रा कानपुर नगर निवासी आदेश सिंह, सोनभद्र जनपद के ओबरा थाना क्षेत्र के ओबरा चोपन रोड़ निवासी अमन प्रताप निषाद, गाजीपुर के नक्सर थाना क्षेत्र के अवती गांव निवासी अमित सिंह, रेवतीपुर थाना क्षेत्र के उतरौली गांव निवासी चंद्रभूषण सिंह, शाहजहांपुर के निगोही थाना क्षेत्र के पकड़िया गांव निवासी अतुल सिंह चौहान, सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र के ओबरा निवासी विनायक मालवीय, सोनभद्र के ओबरा निवासी अर्जुन सिंह, चंदौली निवासी आलू मिल, चकिया रोड मुगलसराय निवासी अतुल आनंद, मुगलसराय थाना क्षेत्र के शास्त्री कालोनी निवासी पंकज पांडेय, गोरखपुर के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के रिगौली बाजार निवासी अभिनव उर्फ मोनू चौरसिया, बिहार के कैमूर भभूआ जनपद के अधौरा थाना क्षेत्र के जमुनीनार गांव निवासी बृजेश कुमार शामिल रहे।
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पुलिस ने बरामद किए उपकरण
एएसपी यातायात विवेक त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से 23 मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, 14 एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन में एपीके फाइलें, बैंक डेटा, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, 2 कारें बरामद की हैं।

एसपी ने साइबर क्राइम टीम को दिया 25 हजार नकद पुरस्कार
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने गिरोह के 15 बदमाशों को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाने वाली साइबर क्राइम थाना आजमगढ़ की पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया।
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